मछंड। नईदुनिया न्यूज

कस्बे के ग्राम पंचायत के सामने बना आदर्श पुस्तकालय, वाचनालय एवं कला परिषद करीब 40 सालों से बंद पड़ा है। पुस्तकालय बंद होने के कारण स्थानीय छात्र-छात्राओं सहित बुजुर्ग पाठकों को भी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। हिंदी साहित्य कला परिषद द्वारा पुस्तकालय एवं कला परिषद का संचालन किया जाता है। संस्था के संचालक का कहना है कि शासन द्वारा मदद नहीं मिलने के कारण पुस्तकालय का खर्चा वहन नहीं करने के कारण बंद कर दिया गया था, लेकिन जल्द की मेंटेनेंस कराने के बाद फिर से शुरू किया जाएगा।

40 सालों से बंद पड़ा पुस्तकालयः

आदर्श पुस्तकालय, वाचनालय एवं कला परिषद की स्थापना के लिए वर्ष 1964 में पूर्व सांसद राजा रघुवीर सिंह जूदेव की पत्नी रानी यदुराज कुमारी ने दान में दी थी। पुस्तकालय का संचालन हिंदी साहित्य कला परिषद द्वारा किया जा रहा है। पुस्तकालय का संचालन करीब 8 से 10 सालों तक सुचारू रूप से किया गया। उसके बाद पुस्ताकालय को बंद कर दिया गया।

अधिकारियों से की शिकायत, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं :

15 हजार की आबादी वाले कस्बे में केवल एक मात्र ही पुस्तकालय है, जो कि काफी सालों से बंद पड़ा हुआ है। पुस्तकालय के बंद होने के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बच्चों एवं बुजुर्ग किताबें पढ़ने से वंचित हो रहे हैं। वहीं युवा भी नगर में कोई पुस्तकालय नहीं होने के कारण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार, बाबूसिंह आदि लोगों ने पुस्तकालय नहीं खुलने की शिकायत तहसीलदार सहित वरिष्ठ अधिकारियों से की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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