भिंड- रौन(नईदुनिया न्यूज)।

नौधा गांव में कुल्हाड़ी के हमले में घायल संविदा शिक्षक की इलाज के दौरान ग्वालियर में मौत हो गई। संविदा शिक्षक की मौत की खबर गांव पहुंची तो स्वजन ने आक्रोशित होकर ग्रामीणों के साथ रौन में तहसील कार्यालय के सामने चक्काजाम कर दिया। रविवार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक स्वजन, ग्रामीणों के साथ चक्काजाम किए रहे। इस दौरान झांसी-टोंक नेशनल हाइवे 552 पर पांच घंटे तक जाम में 300 से ज्यादा वाहनों के पहिए थमे रहे। एसडीएम आरए प्रजापति, एसडीओपी दिनेश बैस की समझाइश से स्वजन ने जाम खोला।

यह है पूरी वारदातः

शुक्रवार-शनिवार रात रौन के नौधा गांव में घर से करीब 100 मीटर दूर प्लॉट पर चारपाई पर सोते समय संविदा शिक्षक 35 वर्षीय मेघ सिंह पुत्र पातीराम कुशवाह पर कुल्हाड़ी से वार किए गए। इससे मेघ सिंह के चेहरे, सिर और आंख में गहरी चोट लगी थी। स्वजन ने उन्हें पहले रौन अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया। रौन से उन्हें जिला अस्पताल भिंड रेफर किया गया। जिला अस्पताल में प्राइमरी इलाज के बाद मेघ सिंह को ग्वालियर रेफर किया गया था। रविवार सुबह ग्वालियर में इलाज के दौरान मेघ सिंह की मौत हो गई। गांव में निधन की सूचना पहुंची तो स्वजन ने ग्रामीणों के साथ दोपहर 12 बजे रौन में तहसील कार्यालय के सामने जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही लहार, मिहोना, ऊमरी, रावतपुरा, आलमपुर, मछंड चौकी का बल रौन भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बात की, लेकिन स्वजन जाम ाखोलने के लिए तैयार नहीं हुए। शाम करीब 4ः30 बजे मेघ सिंह का शव ग्वालियर से रौन पहुंचा।

पुलिस को आरोपित का नाम बताया, लिखा नहीं:

एसडीएम प्रजापति, एसडीओपी बैस स्वजन से बातचीत करने पहुंचे। मेघ सिंह की मां श्यामकुंअर देवी ने कहा 4 दिन पहले बेटा बसंतपुरा गांव गया था। वहां नेता ठकुरी सिंह कुशवाह से किसी बात पर मुंहवाद हो गया था। ठकुरी दे धमकी देकर कहा था कि बेटे को खत्म करवा देगा। मां ने कहा, रौन पुलिस ने रिपोर्ट सही नहीं लिखी। पुलिस को पहले दिन ही ठकुरी का नाम बताया गया था, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट में उसका नाम नहीं लिखा। मां ने कहा मेघ सिंह की 6 वर्ष की बेटी है। उसके पालन-पोषण का इंतजाम किया जाए। सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं।

स्वजन, ग्रामीणों में इसलिए भड़का आक्रोशः

एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है 19 सितंबर को मेघ सिंह चारपाई पर लहूलुहान मिले थे। डायल 100 को कॉल किया तो कहा गया पहिया पंक्चर है। 108 एंबुलेंस को कॉल किया तो डेढ़ घंटे इंतजार कराया। एंबुलेंस नहीं पहुंची। किसी तरह मेघ सिंह को रौन अस्पताल लेकर गए। रौन अस्पताल में करीब 2 घंटे तक लापरवाही की गई। स्वजन ने ऐतराज किया तब रौन से जिला अस्पताल रेफर किया। रौन से रवाना हुए तो एंबुलेंस ने ऊमरी में उतार दिया, कहा खराबी है। यहां से किराए के वाहन से जिला अस्पताल पहुंचे। मेघ सिंह के छोटे भाई की पत्नी ने आरोप लगाया पुलिस ने बयान दर्ज करते समय अभद्र भाषा का उपयोग किया। रौन पुलिस ने एफआइआर सही नहीं लिखी। इन्हीं कारणों से चक्काजाम किया गया।

फोटो नंबर सहितः-

Posted By: Nai Dunia News Network

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