Blood Donation भिंड से अब्बास अहमद। भिंड का नाम सुनते ही अकसर चंबल और यहां के बीहड़ ही जहन में आते हैं लेकिन शहर में अब ऐसे लोग भी हैं, जो बदलाव का संकल्प लेकर चल रहे हैं। शहर की ऐसी ही एक बहू हैं, नीतेश जैन। वे लोगों की जिंदगी बचाने के लिए घूंघट से बाहर निकलीं। पारंपरिक परिवार की इस बहू ने घर की दहलीज के बाहर कदम रखा तो जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे लोगों के लिए। नीतेश गंभीर रोग से जूझ रहे मरीजों और हादसे के शिकार हुए लोगों को 24 घंटे रक्त दिलवाने की सेवा बखूबी निभा रही हैं। वे जिले के साथ प्रदेश में अब तक करीब पांच हजार लोगों को रक्त दिलाकर उनकी जिंदगी बचा चुकी हैं। भिंड की बहू को देशभर में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग जानते हैं।

प्रसूता की मौत के बाद लिया संकल्प : नीतेश बताती हैं कि वर्ष 2008 में वे पति अमित के साथ जिला अस्पताल गई थीं। यहां भर्ती एक प्रसूता की तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी। उन्हें जिस ग्रुप का रक्त चाहिए था, वह जिला अस्पताल में मौजूद नहीं था। ऐसे में बेहतर इलाज के लिए उसे ग्वालियर रैफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही प्रसूता ने दम तोड़ दिया। नीतेश प्रसूता के दो छोटे बच्चों से अस्पताल में मिली थीं। अगले दिन जब समाचार पत्रों में प्रसूता की मौत की खबर पढ़ी तो उसके मासूम बच्चों का चेहरा सामने आ गया।

नीतेश कहती हैं कि रातभर बच्चों का चेहरा सामने रहा, सो नहीं पाई। सुबह जागी तो पति को पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद ठाना कि अब रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए काम करेंगी। इस काम में पति ने बराबर से साथ दिया। शुरुआत में घर में लोगों ने विरोध भी किया। नीतेश खुद 17 बार रक्तदान कर चुकी हैं। पति अमित जैन से भी 27 बार रक्तदान करवा चुकी हैं।

अब सब कहते हैं नीतेश दीदी

नीतेश के मुताबिक वर्ष 2008 में उन्होंने रक्तदान ग्रुप शुरू कर दिया था। ग्वालियर में भी लोगों से संपर्क किया। वहां से सहयोग मिला तो मरीजों को जिला अस्पताल के साथ-साथ ग्वालियर में भी रक्त मुहैया कराने की सेवा शुरू हो गई। इसी बीच भिंड में अमृत मीणा एएसपी के रूप में पदस्थ हुए। उनकी प्रेरणा से नवजीवन सहायतार्थ संगठन बनाया। तब से यह संगठन लगातार काम कर रहा है। इसमें रक्तदाताओं की सूची होती है। आवश्यकता पता लगते ही अपील की जाती है और कोई न कोई रक्तदान कर देता है। अब दिन हो या रात, चौबीस घंटे रक्तदाता उपलब्ध रहते हैं। संगठन धीरे-धीरे पूरे देशभर में रक्तदान करने वाले संगठनों से संपर्क बढ़ा रहा है।

Posted By: Prashant Pandey

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