Dengue in Bhind: भिंड(नप्र)। भिंड शहर के आर्य नगर में रहने वाले 35 वर्षीय युवक की ग्वालियर जेएएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक को डेंगू जैसे लक्षण से चार दिन पहले बुखार आया था। उसने सीएएमचओ डॉ. अजीत मिश्रा से परामर्श किया। इलाज के दौरान युवक की रक्त प्लेटलेट तेजी से कम हुईं। ऐसे में उसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर जाने की सलाह दी गई। ग्वालियर जेएएच में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। निजी पैथोलाजी में हुई रक्त जांच में युवक को डेंगू नहीं बताया गया है। स्वास्थ्य महकमा 15 सितंबर से डेंगू नियंत्रण अभियान चलाएगा।

आर्य नगर निवासी आशीष थापक पुत्र देवेंद्र थापक ने बताया कि उनके बड़े भाई 35 वर्षीय संजीव थापक को चार दिन पहले बुखार आया था। संजीव ने सीएमएचओ डॉ. अजीत मिश्रा से परामर्श किया। पहले दिन दवा से बुखार में आराम नहीं मिला तो संजीव ने निजी पैथोलाजी में जांच कराई। जांच के दौरान रक्त प्लेटलेट कम होना बताया गया। इससे संजीव को ग्वालियर में इलाज कराने की सलाह दी गई।

स्वजन ने संजीव को ग्वालियर में फिजीशियन धर्मेंद्र तिवारी को दिखाया। उसके बाद संजीव को इलाज के लिए जेएएच में भर्ती किया गया है। जेएएच में रविवार को संजीव की तबीयत ठीक रही, लेकिन रात तीन बजे तबीयत बिगड़ी। डाक्टरों ने स्वजन को सूचना दी। छोटे भाई आशीष थापक का कहना है कि वे बड़े भाई संजीव के पास पहुंचे तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

जिले में 15 सितंबर से चलेगा अभियान

सीएमएचओ कार्यालय की ओर से बताया गया है कि डेंगू नियत्रंण अभियान 15 सितम्बर 2021 से शुरू किया जा रहा है। इस अभियान में मच्छरजन्य परिस्थितियों के उपायों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मलेरिया वर्कर डेंगू निरोधक गतिविधियां शुरू करेंगे। इस अभियान के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बीआर आर्य के नेतृत्व में जिलेभर के मलेरिया वर्कर अभियान में शामिल रहेंगे। जलभराव वाले क्षेत्रों में पयरिथ्रम के घोल का छिड़काव किया जाएगा।

साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर

डेंगू मच्छर की संख्या बारिश के दौरान बढ़ जाती है। यह घर, स्कूल और अन्य भवनों में एकत्रित खुले और साफ पानी में अंडे देते हैं। इनके शरीर पर सफेद और काली पट्टी होती है। यह मच्छर ज्यादातर दिन के समय ही काटता है। डेंगू एक विषाणु से होने वाली बीमारी है, जो एडीज एजिप्टी नामक संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फेलती है।

अचानक तेज बुखार हो सकता है डेंगू

अचानक तेज बुखार आता है। सिर में आगे की और तेज दर्द होता है। आंखों के पीछे दर्द और आंखों के हिलने से दर्द में और तेजी आती है। मांसपेशियों, बदन और जो़ड़ों में दर्द होता है। स्वाद का पता न चलना व भूख न लगना। छाती और ऊपरी अंगो पर खसरे जैसे दानें चक्कर आना। घबराहट और उल्टी होना। शरीर पर खून के चकते एवं खून की सफेद कोशिकाओं यानी रक्त प्लेटलेट तेजी से घटना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं।

डेंगू बुखार से बचाव के लिए उपाय

घर या कार्यालय के पास पानी एकत्रित नहीं होने दें। कूलर का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलें। घर में कीटनाश्क दवाओं का छिड़काव करें। बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं, जिससे उनके हाथ और पैर पूरे ढंके रहें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। मच्छर भगाने वाली दवाओं का उपयोग करें। टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें। जले हुए तेल या मिट्टी के तेल को नालियों और एकत्रित हुए पानी में डालें।

डेंगू को रोकने पांच किमी में जांच जरूरी

आर्य नगर निवासी संजीव की रिपोर्ट डेंगू पाजीटिव नहीं है, लेकिन उनकी मौत डेंगू जैसे लक्षण वाले बुखार के इलाज के दौरान हुई है। डेंगू को फैलने से रोकने के लिए तय मानकों के अनुसार स्वास्थ्य महकमे को पांच किमी के दायरे में सर्वे और जांच कर डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम शुरू करना चाहिए। एंटी लार्वा की कार्रवाई करना सुनिश्चित करना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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