- 13 जनवरी को अवैध शराब बनाने में शामिल युवक का नईदुनिया टीम के कैमरे के सामने कबूलनामा

अब्बास अहमद. भिंड। भिंड के रौन इंदुर्खी गांव में जहरीली शराब पीने से एक और युवक की मौत हो गई। 15 जनवरी से शुरू हुआ मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां पिछले चार दिन में अब तक चार युवकों की मौतें हो चुकी है। मरने वालों में दो युवक वे हैं, जिन्होंने भिंड में अपने साथियों के साथ इस जहरीली शराब का निर्माण किया था। 13 जनवरी को एक हजार क्वाटर जहरीली शराब बनाई गई थी। जहरीली शराब बनाने वाले युवक ने नईदुनिया टीम से खुद यह कबूल किया है। अब चिंता की बात यह है कि पिछले पांच दिन में पुलिस यह मालूम नहीं कर पाई है कि एक हजार जहरीली शराब के क्वाटर कहां-कहां सप्लाई हुए हैं।

यहां बता दें, सोमवार रात 11 बजे ग्वालियर में जहरीली शराब से इंदुर्खी गांव निवासी 50 वर्षीय संतोष पुत्र छोटई बाथम की मौत हो गई। संतोष और उसके साथ शराब पीने वाले नत्थीराम सिंह को इलाज के लिए सोमवार सुबह ग्वालियर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। संतोष और नत्थीराम ने रविवार सुबह गांव में ही जहरीली शराब का सेवन किया था। इससे पहले 15 जनवरी की सुबह 25 वर्षीय मनीष, 22 वर्षीय छोटू पुत्रगण नरेंद्र जाटव की मौत हो चुकी है। मनीष और छोटू ने अपने साथियों के साथ भिंड में इस जहरीली शराब का निर्माण किया था। गांव लौटकर दोनों ने खुद इसका सेवन किया और मौत के शिकार बने। 16 जनवरी की रात 45 वर्षीय पप्पू पुत्र राम सिंह जाटव की मौत हुई। पप्पू का भतीजा लाखन शराब बनाने वालों में शामिल है। पप्पू ने जो क्वाटर पिया वह लाखन लेकर आया था। लाखन ने एक क्वाटर पुलिस को बरामद करा दिया है।

सिर्फ 500 रुपए में जहरीली शराब बनाकर आए :

- रिपोर्टर: 13 जनवरी को क्या हुआ था?

- लाखन: 13 जनवरी को मैं, शिव सिंह, मनीष, छोटू, छोटे भिंड में स्वतंत्र नगर के पीछे शराब बनाने गए थे।

- रिपोर्टर: शराब बनाने कब से जा रहे थे?

- लाखन: मैं तो तीसरी बार गया था। इससे पहले सिर्फ दो बार गया हूं?

- रिपोर्टर: शराब बनाने के एवज में कितने रुपए मिलते थे? कौन बुलाकर ले जाता था?

- लाखन: हमें एक बार में पांच सौ रुपए मिलते थे। गांव के छुट्टू सरपंच का बेटा गोलू शर्मा फोन कर देता था। 13 जनवरी को भी गोलू ने फोन किया था। मेरे पास बाइक नहीं थी तो उसने कहा, पिता छुट्टू से ले आओ। मैं बाइक लेकर छोटे के साथ भिंड गया। दूसरी बाइक से मनीष, शिव सिंह और छोटू गए थे।

- रिपोर्टर: शराब दिन में बनाई थी या रात में बनाई?

- लाखन: हम लोग दोपहर में 12:30 बजे पहुंच गए थे। एक बजे काम शुरू किया। ड्रम में शराब घोली गई। दोपहर 3:30 बजे तक हम पांचों लोगों ने एक हजार क्वाटर शराब भरकर तैयार कर दी थी। हम लोगों को पांच-पांच सौ रुपए और दो-दो क्वाटर दिए गए। मनीष ने चार क्वाटर लिए थे। मनीष और शिव सिंह यहां पहले से जा रहे थे।

- रिपोर्टर: मनीष और छोटू ने शराब कब पी ली थी? तबीयत कब खराब हुई?

- लाखन: हम लोग शराब बनाकर छह बजे के करीब गांव में आ गए थे। रास्ते में छोटू और छोटे ने एक क्वाटर पी लिया था। 14 जनवरी को मैंने दोपहर में छोटू के साथ क्रिकेट खेली। 15 जनवरी को सुबह जागा तो इनके घर में रोना पीटना मचा था, तब दोनों के बारे में मालूम हुआ।

- रिपोर्टर: तुम्हें शराब के दो क्वाटर मिले थे, उनका क्या किया?

- लाखन: मैं शराब पीता नहीं हूं। क्वाटर लाकर घर रख दिए थे। मनीष और छोटू की खबर के बाद देखा तो एक क्वाटर मिला। उसे पुलिस को दिया था। दूसरा क्वाटर नहीं मिला, उसे चाचा (मृतक पप्पू जाटव) ने पिया कि नहीं, यह मैंने नहीं देखा। मैं पहले भी क्वाटर लाता था तो चाचा ही पीते थे।

- रिपोर्टर: भिंड में एक हजार क्वाटर शराब बनी वो कहां सप्लाई होना थी?

- लाखन: इस बारे में हमें नहीं मालूम। वीरेंद्र जाटव के घर में शराब बनती थी। छुट्टू शर्मा, गोलू शर्मा और उनके साथ धर्मवीर बघेल को ही इस बारे में जानकारी रहती है। हम तो पैसे लेकर गांव लौट आते थे।

(जैसा नईदुनिया रिपोर्टर को इंदुर्खी गांव निवासी लाखन जाटव ने बताया)

वर्जन:

भिंड में निर्मित हुई एक हजार क्वाटर शराब बनाई गई? यह नहीं मालूम। हां, जो भी शराब बनाई गई है, उसे बरामद करने और आरोपितों को पकड़ने के लिए हमारी टीम काम कर रही है।

शैलेंद्र सिंह चौहान, एसपी, भिंड

Posted By: anil.tomar

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