भिंड- गोहद। आलौरी पंचायत के चौधरी का पुरा गांव में मिग-21 प्रशिक्षण विमान के मलवे तक पहुंचने में वायुसेना के अफसरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश और खेतों में भरा नदी का पानी मुसीबत बन रहा है। जांच के लिए जाने वाले अफसरों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर खेत में मिग-21 के मलबे तक पहुंचाया जा रहा है। गुरुवार सुबह कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के लिए दिल्ली से आए ग्रुप कैप्टन एमएस यादव और उनकी टीम को भी एयर लिफ्ट कर चौधरी का पुरा गांव में मिग के मलबे के पास पहुंचाया गया। बुधवार को सुबह 10 बजे हादसा होने के बाद से अब तक वायुसेना पुलिस और स्थानीय पुलिस मलबे की निगरानी कर रही है।

मलबे की फोटोग्राफी कराई

गुरुवार को कोर्ट आफ इंक्वायरी के लिए दिल्ली से आए ग्रुप कैप्टन एमएस यादव और उनकी टीम में शामिल विंग कमांडर देशमुख ने अपनी टीम से मलबे की फोटोग्राफी कराई है। टीम में शामिल वायुसेना के अधिकारी खेत में मिग-21 के गिरने के स्थान से लेकर विमान का मलबा गिरने वाले ज्यादातर सभी स्पॉट पर गए। मलबे की बड़ी बारीकी से जांच की जा रही है। हादसे के बाद चौधरी का पुरा में तत्काल ही लोग मलबे के पास पहुंच गए थे। इधर खेत गीला होने से कीचड़ ज्यादा थी। इससे भी कुछ निशानी मिटी हैं।

इसको लेकर भी हादसे के बाद जांच करने आए वायुसेना के अफसरों ने चिंता की है। हालांकि खेत में मिग-21 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मुख्य स्थान को घेरा बनाकर वर्जित स्थान कर दिया है। जांच के लिए पहुंच रहे अफसरों की स्थानीय ग्रामीण और सरपंच के बेटे अशोक गुर्जर जवानों की हर संभव मदद कर रहे हैं।

विमान क्रैश के सबूत खोजे, पुर्जे देखे

कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के लिए आई टीम ने चौधरी का पुरा के खेत में मिग-21 के दुर्घटनाग्रस्त स्थल पर पड़ताल की। यहां टीम ने विमान के छोटे-छोटे पार्ट को एकत्रित किया। विमान के मलबे से कई पुर्जे जांच के लिए गए हैं। टीम को ऐसे सबूतों की तलाश है, इससे विमान क्रैश होने की वजह का खुलासा हो सके। हालांकि विमान का ब्लैक बॉक्स वायुसेना को बुधवार को हादसे के बाद मिल गया था। उससे भी जांच की जा रही है। अब विमान के मलवे की 24 घंटे निगरानी जारी है। वायुसेना की स्पेशल फायर बिग्रेड भी चौधरी का पुरा गांव पहुंची है, लेकिन रास्ता नहीं होने से करीब 2 किमी दूर ही उसे रोका गया। रास्ता नहीं होने से विमान का मलवा भी वायुसेना ले जा नहीं पाई है।

यह है मिग-21 प्रशिक्षण विमान हादसा

बुधवार सुबह 9ः30 बजे ग्वालियर महाराजपुरा वायुसेना स्टेशन से ग्रुप कैप्टन यशपाल सिंह नेगी, स्क्वाड्रन लीडर शिवानंद ने उड़ान भरी। करीब 30 मिनट प्रशिक्षण उड़ान के दौरान इंजन में खराबी आ गई थी। वायुसेना स्टेशन से विमान का संपर्क टूट गया था। विमान चौधरी का पुरा में जिस स्थान पर क्रैश हुआ है, वह भिंड और ग्वालियर जिले के बॉर्डर का इलाका है। दुर्घटनास्थल के आसपा रिहायशी इलका है। भिंड के साथ ग्वालियर जिले के गांव हैं। विमान में मौजूद दोनों जांबाज पायलट ने आबादी वाले इलाके को बचाकर खेत में विमान गिराया। विमान क्रैश से पहले पैराशूट से कूदे। पैराशूट पूरी तरह से नहीं खुल पाने पर दोनों पायलट घायल हो गए थे।

दोनों को वायुसेना के हेलिकॉप्टर से मुरार में सेना के अस्पताल भिजवाया गया था। अब इस हादसे की वजह जानने के लिए वायुसेना की टीमें पड़ताल कर रही हैं।