भिंड-छींमका (ब्यूरो)। ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे-92 पर वाहनों में रिफलेक्टर लगाने के नाम से प्रति वाहन 500 रुपए की वसूली की जा रही है। वसूली कर रहे लोग वाहन सवारों को बकायदा 500 रुपए की रसीद थमाते हैं। यहां बता दें, हाइवे से रोजाना 2 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। ऐसे में 2 हजार वाहनों से 500 रुपए के मान से जोड़ा जाए तो रोजाना 10 लाख रुपए की वसूली हो रही है।

नईदुनिया ने पड़ताल की तो पाया कोई भी प्राइवेट व्यक्ति या संस्था इस तरह वाहनों पर रिफलेक्टर लगाकर रुपए नहीं ले सकती है। स्वेच्छा से लोगों को जागरूक करने के लिए वाहनों पर रिफलेक्टर लगा सकते हैं, लेकिन इसके राशि नहीं ली जाएगी।

रसीद पर लिखा 'नेशनल हाइवे रिफलेक्टर'

नेशनल हाइवे पर छींमका गांव के पास सड़क किनारे कुर्सियां डालकर 5-7 लोग बैठते हैं। इनमें से कुछ लोगों को रेडियम जैकेट पहनाई गई है, ताकि अगर गुजरने वाले वाहनों को रुकने का इशारा किया जाए तो वाहन रुक जाएं। जैकेट पहने युवक इशारा कर वाहन रुकवाते हैं। वाहन रुकते ही सड़क किनारे बैठे प्राइवेट लोग रसीद कट्टा लेकर जाते हैं। इनकी ओर से कहा जाता है कि आप रिफलेक्टर लगवाएं और इसके एवज में 500 रुपए दें।

हाइवे से गुजरने वाले लोग मजबूरी में इन्हें 500 रुपए देते हैं। रुपए मिलते ही यह लोग वाहन सवारों को रसीद देते हैं, जिस पर लिखा है ' नेशनल हाइवे रिफलेक्टर' ओवे द् ट्रैफिक रूल ट्रेफिक कंट्रोल कैंप इंप्लीमेंटेशन आफ प्रावीजन आफ मोटर वीकल रूल्स (1989)। रसीद पर मध्यप्रदेश शासन लिखा गया है। साथ ही इसकी वैधता 6 माह लिखी गई है। इस तरह रोजाना 24 घंटे प्राइवेट लोग रिफलेक्टर की आड़ में 2 हजार से ज्यादा वाहनों से 10 लाख से ज्यादा की वसूली कर रहे हैं।

बाइक छोड़ सभी वाहनों सवारों से वसूली

नेशनल हाइवे-92 पर गोहद क्षेत्र में हाइवे पर 9 अगस्त से यह वसूली अभियान जारी है। वाहन चालकों को दी जा रही रसीद में कर्मिशियल वाहन, ट्रक, बस, चार पहिया वाहन का उल्लेख किया गया है। यानी बाइक को छोड़कर इन सभी वाहनों से रिफलेक्टर लगाने के नाम पर 500 रुपए रोजाना की वसूली की जा रही है। खास बात यह है कि सोमवार को जब यहां नईदुनिया टीम पहुंची तो वसूली कर रहे लोग झगड़ने पर अमादा हो गए। कहने लगे कि हमारे पास सभी की परमिशन है, जब उन्हें बताया गया कि वे इस तरह से वसूली नहीं कर सकते तो यह लोग मिन्नातें करते नजर आए।

हाइवे पर वसूली, पुलिस को जानकारी नहीं

नेशनल हाइवे पर लोगों से खुलेआम हो रही इस वसूली के संबंध में जब गोहद एसडीओपी परमाल मेहरा से बात की गई तो उनका कहना था कि इस बारे में जानकारी नहीं है। एसडीओपी ने कहा गोहद चौराहा एसओ से बात करते हैं। एसडीओपी बोले कि मैं इस बारे में कुछ नहीं बता पाउंगा। आप तो गोहद चौराहा एसओ से ही बात कर लो। यहां बता दें कि सोमवार को छींमका गांव के पास हाइवे पर रिफलेक्टर लगाने के नाम पर वसूली कर रहे लोगों के साथ पुलिसकर्मी मौजूद था। पुलिसकर्मी ने वर्दी पर नेम प्लेट नहीं लगाई थी।

हमारा टेंडर हुआ है

हमारे पास तो परमिशन है। विधायक जी ने परमिशन दी है। हमारा टेंडर हुआ है। हम तो कितने भी लोगों को बैठाकर काम करवाएंगे। खबर लगाने से क्या हो जाएगा - शत्रुजीत राणा, हाइवे पर रिफलेक्टर लगवा रहा युवक

मेरी परमिशन नहीं

मेरी ओर से किसी को परमिशन नहीं दी गई है। मुझे तो यही बताया गया था कि हादसे रोकने के लिए रिफलेक्टर लगवाए जाएंगे। मैं एसपी को बोलकर यह बंद कराता हूं - रणवीर जाटव, कांग्रेस विधायक, गोहद

आवश्यक कार्रवाई होगी

मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर इस तरह से कोई हाइवे पर रिफलेक्टर लगाने के नाम पर वसूली कर रहा है तो उसको दिखवाते हैं। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी - अजय यादव, एसओ, थाना गोहद चौराहा