अब्बास अहमद, भिंड नईदुनिया। जहरीली शराब पीने से 15 जनवरी से मौतों का सिलसिला जारी है, लेकिन दस्तावेजों में मौत की वजह अभी साफ नहीं है। संतोष के रूप में जहरीली शराब से चौथी मौत की सूचना पर मंगलवार दोपहर एक बजे इंदुर्खी गांव पहुंचे कलेक्टर सतीश कुमार एस, एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान के सामने ग्रामीणों और परिवारजन ने शराब की बात स्वीकारी, लेकिन इस जहर का कारोबार करने वाले अब भी बचे हुए हैं। कलेक्टर ने मृतकों के परिवार से बात करते हुए पिछले वर्ष माह मार्च-अप्रैल में हुईं मौतों का जिक्र किया। इससे स्पष्ट हुआ कि पिछले वर्ष भी जहरीली शराब से मौतें हुईं थीं, लेकिन कागजों में नहीं। यदि पहले ही जहर का कारोबार करने वालों पर ठोस कार्रवाई कर नजीर पेश की गई होती तो शायद इंदुर्खी गांव के तीन घरों से अब यह चार चिताएं नहीं उठतीं।

बिना पीएम के करवाया अंतिम संस्कारः जहरीली शराब पीने से संतोष और नत्थूराम की तबीयत बिगड़ी तो उसे सोमवार सुबह ग्वालियर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में करीब 11 बजे संतोष की मौत हो गई। सुबह होने से पहले ही गांव इंदुर्खी में संतोष का शव आ गया। बताया गया है कि संतोष की आंखें पूरी तरह से काली पड़ गईं थीं। सुबह बिना पीएम कराए पूर्व सरपंच पति महादेव सिंह और ग्रामीणों की मौजूदगी में सिंध नदी किनारे घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार होने के बाद कलेक्टर, एसपी और एसडीएम, एसडीओपी पहुंचे हैं।

रात में मौत, सुबह एएसपी मना करते रहेः एसपी ने जहरीली शराब से हो रही मौतों की जांच के लिए एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआइटी का गठन किया है। वहीं सोमवार रात में संतोष की मौत होने से जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा चार हो गया। मंगलवार सुबह तक एएसपी संतोष की मौत होने से इनकार करते रहे। अब इससे भी समझा जा सकता है कि जहरीली शराब से मौतों की जांच के लिए गठित की गई एसआइटी किस अंदाज में कार्य करेगी।

आरोपित के घर में रहता था मृतक संतोषः संतोष की मौत को पुलिस शराब की दूसरी कड़ी से जोड़कर देख रही है। जबकि अफसरों के सामने यह बात आ चुकी है कि वह भिंड में शराब बनवाने वालों में शामिल रहे आरोपित छुट्टू शर्मा के घर में रहता था। अब 13 जनवरी को भिंड में एक हजार क्वाटर जहरीली शराब का निर्माण किया गया। ऐसे में हो सकता है कि यही शराब आरोपित छुट्टो के घर में रहने वाले संतोष और उनके साथी नत्थूराम के हाथ लगी हो? बेटे हरिमोहन ने भी कलेक्टर-एसपी से कहा है कि पिता संतोष और नत्थीराम ने शराब पी थी।

कलेक्टर-एसपी की मौजूदगी में मिले खाली क्वाटरः संतोष के बेटे से बातचीत करने के बाद कलेक्टर और एसपी अमले के साथ गांव में छुट्टू शर्मा के घर पहुंचे। यहां एक कमरे में संतोष रहते थे। पुलिस ने यहां तलाशी ली है। तलाशी के दौरान यहां कुछ नहीं मिला, लेकिन गांव में पुलिस को खाली क्वाटर मिले हैं। कलेक्टर ने जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि गांव की सरकारी शराब की दुकान से भी सैंपल लिए जाएं। सैंपलिंग की यह कार्रवाई आबकारी के अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से करवाने के लिए भी कहा गया।

ग्वालियर में भर्ती रतिराम की हालत गंभीर, छह भर्तीः जहरीली शराब पीने से मनीष, छोटू, पप्पू जाटव और संतोष की मौत हो चुकी है। अब ग्वालियर में मनीष, छोटू के पिता नरेंद्र जाटव, हरचरण जाटव, रतिराम सिंह पुत्र गुन्नो ढीमर, नत्थूराम सिंह, संतोष पुत्र गोटाई ढीमर, छोटे पुत्र रमेश जाटव भर्ती हैं। नत्थीराम निजी अस्पताल में भर्ती है, जबकि बाकी सभी जेएएच में भर्ती हैं। इनमें रतिराम की हालत ज्यादा खराब बताई जा रही है। बताया गया है कि उसे आंखों से कम दिखाई दे रहा है।

घटनास्थल से लाइवः

कलेक्टरः (मृतक मनीष, छोटू की मां कुंती देवी से) बता सकती हैं कैसे हुआ? क्या मामला है?

कुंती देवीः हमाए तो लला पीके आए, तैसेई बिनने घरे आके ओकोई है। तैसे ही हम लेके भज पड़े अस्पताल में।

कलेक्टरः पहली बार ऐसा हुआ है? या पहले भी इस तरह से जाते थे?

कुंती देवीः छोटो वाला तो पहली बार गया। बड़ा वालो तो पहले भी चला जाता था।

कलेक्टरः कहां, भिंड

कुंती देवीः हां।

कलेक्टरः किसके पास

कुंती देवीः जाने, वो गोलू नाम है लड़का को और छुट्टू, बिनकेई जातते। बिनको लड़का बुलान आततो गोलू यहां।

कलेक्टरः हां, हां, हां। देखिए इसमें आपको और जो ग्रामीणजन भी यहां है। देखो पहले भी रौन और मिहोना क्षेत्र में होली के समय ऐसे मामले आए थे। आप लोगों को ऐसे काम में शामिल नहीं होना चाहिए।

पुलिस ने मेडिकल करवाया तो सब नार्मल थेः

लाखनः (कलेक्टर-एसपी से) सर! मुझे यह नहीं मालूम कि चाचा ने क्वाटर पिया कि, नहीं पिया। मैं क्वाटर लेकर आया था।

एसपीः (लाखन से) पप्पू ने क्या बताया? पुलिस को भी बताया था कि उसने पिया नहीं था।

कलेक्टरः (लाखन से) आपको तो पता होगा।

लाखनः सर! मुझे नहीं पता। मैंने पूछा था कि चाचा आपने तो नहीं पी है तो उन्होंने मना किया। एक क्वाटर उन्होंने फेंकना बताया था और एक क्वाटर मैंने पुलिस को दे दिया था।

एसपीः वो (मृतक पप्पू) क्या समस्या बता रहा था?

लाखनः वो कह रहा था कि मेरी कमर में दर्द हो रहा है।

एसपीः कोई लक्षण भी बता रहा था कि कमर में दर्द हो रहा है।

कलेक्टरः अच्छा, अच्छा।

एसपीः पुलिस ने चार लोगों का मेडिकल कराया था। पता चला था कि इनको शराब दी है। उसमें यह सब नार्मल थे। पप्पू भी नार्मल था। शाम को जब बात हुई तो उसके बारे में मालूम चला।

कलेक्टरः कोई और बीमारी था? कोई दवा लेता था।

लाखनः नहीं। नहीं सर! ऐसी तो कोई बात नहीं थी। वैसे ठीक थे। उनको पूछा था तो उन्होंने बताया था कमर में दर्द हो रहा था।

डाक्टरः मैंने हिस्ट्री ली थी तो बताया था कि पहले से बीमार थे। पप्पू ने ऐसा बताया था।

एसपीः पप्पू खत्म हो गया तो अहतियातन सभी को इलाज के लिए भिजवाया गया।

कलेक्टरः (लाखन से) क्या पहली बार गए, या बहुत बार गए हो।

लाखनः नहीं सर! मैं पहले भी दो बार गया था। इस बार तीसरी बार गया था।

एसपीः यह तीसरी बार गया था। मनीष बगैरह गोलू शर्मा के पहचान के थे। वो दोनों भाई, उसके पहले से कान्ट्रेक्ट में थे। उस रात में सबको दो-दो (क्वाटर) दिए थे। एक को चार दिए थे।

कलेक्टरः अच्छा।

लाखनः मनीष नाम का लड़के ने चार (क्वाटर) लिए थे।

एसपीः इसने बताया है कि उसने (मृतक छोटू और ग्वालियर में भर्ती छोटे ने) रास्ते में पी। कुछ खाया नहीं था, केवल पीते ही रहे थे। अगली सुबह इसने उनके साथ किक्रेट खेली।

लाखनः हां साहब! मैंने उसके साथ 14 जनवरी को दोपहर में किक्रेट खेली। फिर मैं अपने घर आ गया था। फिर नहीं मालूम।

डाक्टरः सर! उस दिन वो जो दो लड़के लेकर पहुंचे वो तो दोनों डेड ही थे।

(मृतक पप्पू जाटव के घर के बाहर की बातचीत)

पिता ने कहां से शराब लेकर पी नहीं मालूमः

कलेक्टरः (मृतक संतोष के बेटे हरिमोहन से) इन्होंने शराब कहां से ली?

हरिमोहनः यह तो नहीं बता सकता सर। मैं भोपाल था।

कलेक्टरः इनके साथ वाला कोई बता सके?

हरिमोहनः वो तो अभी एडमिट हैं सर! नत्थीराम के साथ पी थी, लेकिन यह नहीं पता कि कहां से ली थी।

कलेक्टरः एडमिट है। ग्वालियर में है।

एसपीः कब पी थी शराब

हरिमोहनः सर! शाम को नहीं पी, सुबह पी ली थी। यह नहीं मालूम कहां से ली थी।

एसपीः आप बता दोगे कि कहां से आ रही है तो और घटना नहीं होगी।

कलेक्टरः आपको पता होगा कि इसी तहसील में पिछले वर्ष होली पर मढ़ी, जैतपुरा, असनेहट में घटना हुई थी। आपको पता होगा। आप तो इसी गांव में रहते होंगे।

हरिमोहनः मुझे यह नहीं मालूम

महादेवः सर! मेरा आपसे निवेदन है कि अब गांव में मेडिकल चेकअप कैंप लगवा दें, ताकि अगर किसी और ने भी पी हो तो उसे इलाज मिल जाए। आप कह दें कि उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

एसपीः हां, गांव में अगर किसी और ने भी पी है तो वह बता सकता है। (कलेक्टर से) आप यहां मेडिकल शिविर करवा दें।

कलेक्टरः (डा. हेमंत शिवहरे से) आप यहां शिविर लगाइए

डाक्टरः जी सर।

(मृतक संतोष सिंह के घर हुई बातचीत)

Posted By: Nai Dunia News Network

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