भिंड(नईदुनिया प्रतिनिधि)। अटेर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मूरतपुरा में प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष पद को लेकर शिकायत की गई है। शिकायत में कहा गया है कि ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश के पालन में वर्ष 2019 में सरपंच को पद से पृथक किया गया तो उसी वर्ग से प्रशासकीय समिति का अध्यक्ष नहीं बनाते हुए दूसरे वर्ग के व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया है। शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ जेके जैन ने भी आदेश जारी कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद चयन नहीं किया जा रहा है।

यह है पूरा मामलाः

ग्राम पंचायत मूरतपुरा के पंच आनंदी, हरि सिंह, अरविंद, आशीष और महेंद्र आदि ने जिला पंचायत सीईओ जेके जैन से शिकायत कर कहा है कि मूरतपुरा की सरपंच सुनीता देवी को भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताएं, धोखाधड़ी, पंचों के फर्जी हस्ताक्षर करने और नियम विरुद्व कार्य करने की जांच में धारा 40 और ग्वालियर हाईकोर्ट में दायर रिट पिटीशन पर हुई सुनवाई के आदेश पर 30 नवंबर 2019 को पद से पृथक कर दिया गया था। सुनीता देवी अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं। इसलिए ग्राम पंचायत में प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष पद पर इसी वर्ग के व्यक्ति को नियुक्त किया जाना था, लेकिन उप प्रधान करन सिंह को प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त कर दिया गया। पंचों की ओर से मिली शिकायत में ग्राम पंचायत के कार्यों में भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पंचों की ओर से मिली शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ जैन ने 27 अप्रैल 2022 को स्थानापन्ना प्रधान का चयन करने के लिए कहा है। इस पत्र के अगले ही दिन सीईओ श्री जैन ने दूसरा पत्र जरी कर जनपद पंचायत अटेर के सीईओ को निर्देशित किया है कि चयन प्रक्रिया मूरतपुरा ग्राम पंचायत भवन के बजाए जिला पंचायक कार्यालय में कराई जाए, ताकि ग्राम पंचाचत में इस प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की घटना नहीं हो। वहीं ग्राम पंचायत के पंचों का कहना है कि अटेर जनपद पंचायत के सीईओ ने जिला पंचायत सीईओ के इस पत्र को कोई तवज्जो नहीं दी है। इससे उप प्रधान को प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष पद से पृथक नहीं किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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