Road Safety Campain: भिंड (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में शहर व नगरीय क्षेत्रों से होकर निकले हाइवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिसकी वजह तेज रफ्तार में दौड़ लगाने वाले वाहनों की रफ्तार है। शहर से होकर निकले नेशनल हाइवे क्रमांक 719 पर वाहनों की रेलमपेल और आगे निकलने की होड़ मची रहती है। विशेषकर बेलगाम ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर से हर रोज दुर्घटनाएं हो रही हैं।

शहरी क्षेत्र से होकर निकले हाइवे पर 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार निर्धारित है। लेकिन इसके बाद भी इन स्थानों पर 40 से 50 की स्पीड में दौड़ लगाते हुए वाहनों को देखा जा सकता है। सड़कों के बीचों-बीच में तेज रफ्तार में दौड़ लगाने वाले यह वाहन दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। इस प्रकार की स्थिति अधिकतर उस समय बनती है जब शहर से होकर निकले बायपास, मेहगांव में दंदरौआ और गोरमी तिराहा, गोहद चौराहा, मालनपुर में यात्री बस चालक बसें रोकर सवारियां चढ़ाते व उतारते हैं। इस चक्कर में पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद भी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

आठ माह में 156 लोगों की हुई मौत -

ओवर स्पीड पर एक जनवरी 2022 से 31 अक्टूबर तक 193 चालान किए गए हैं। इसमें 2.20 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है। वहीं बीते आठ माह में जिले से होकर निकले नेशनल व स्टेट हाइवे पर 592 सड़क हादसे हो चुके हैं। जिसमें 156 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जबकि 647 लोग घायल हुए हैं। बता दें कि शहरी व नगरीय क्षेत्र में स्पीड जोन में निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज वाहन चलाया तो लाइसेंस को तीन माह के लिए सस्पेंड करवाने का प्रावधान है।

फैक्ट फाइलः

माह - हादसे - मौत - घायल

जनवरी - 50 - 17 - 63

फरवरी - 56 - 11 - 53

मार्च - 45 - 13 - 53

अप्रैल - 83 - 28 - 58

मई - 72 - 26 - 89

जून - 51 - 11 - 48

जुलाई - 63 - 13 - 69

अगस्त - 63 - 12 - 90

सितंबर - 63 - 16 - 77

अक्टूबर - 46 - 09 - 47

वर्जन -

शहरी क्षेत्र में बेलगाम दौड़ रहे वाहनों पर रोक लगनी चाहिए, प्रशासन द्वारा गति सीमा का निर्धारण सख्ती से किया जाना चाहिए, ताकि शहरी क्षेत्र की घनी आबादी वाले इलाके से वाहन धीमी गति में गुजरें, जिससे हादसा होने की संभावना न रहे।

बृजेश शर्मा, शिक्षक निवासी हाउसिंग कालोनी भिंड।

वर्जन -

गति सीमा का निर्धारण नहीं होने के कारण खासकर नए चालक अपने वाहनों की गति काफी तेज रखते हैं, जिससे हादसे हो रहे हैं। प्रशासन को ऐसे वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही गति सीमा का निर्धारण होना चाहिए।

सत्यवीर थापक, प्रोफेसर निवासी चंदूपुरा।

वर्जन -

ओवर स्पीड में दौड़ लगाने वाले वाहनों पर समय-समय पर स्पीड रडार गन की मदद से कार्रवाई की जाती है।

नीरज शर्मा, सूबेदार यातायात पुलिस भिंड।

Posted By: Nai Dunia News Network

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