भिंड/गोहद(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

गोहद से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित खरुआ गांव में सालों बीत जाने के बाद भी पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका। इस वजह से 20 साल में गांव से 10 हजार से अधिक ग्रामीण पलायन कर चुके हैं। वहीं गांव में रहने वाले लोगों को हर रोज ट्यूबवैल और कुओं से पानी भरकर लाना पड़ रहा है।

खरुआ गांव में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। गांव में चार हैंडपंप लगे हुए हैं। जो वर्तमान में खराब हैं। वहीं 12 साल पहले गांव में बिछाई गई पानी लाइन से अब तक सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। इसके साथ ही हनुमान मंदिर के पास 10 साल से बोरवेल महज शोपीस बनकर रह गया है। जिसका लाभ आज तक ग्रामीणों को नहीं मिला। इस वजह से ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए हर दिन संघर्ष करना पड़ा रहा है। हालांकि गांव में व्याप्त पानी की समस्या की मांग को लेकर कई बार ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करने का मन बना चुके हैं, लेकिन हर बार चुनाव से पहले जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अफसर गांव में पानी की समस्या को दूर करने का ग्रामीणों को आश्वासन देकर उन्हें मतदान के लिए तैयार कर लेते हैं।

ढाई हजार से अधिक लोग जूझ रहे पेयजल संकट सेः

गांव में ढाई हजार से अधिक की आबादी है। जिन्हें वर्तमान में पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की पूर्ती करने को लेकर शासन की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि इनमें से कई योजनाएं महज कागजों में तैयार होती हैं और कागजों में ही पूरी कर दी जाती हैं। जिसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाता है।

इस तरह से दूर हो सकती है समस्या

खरुआ गांव के पास में ही स्थित कीरतपुरा में स्थित नलजल योजना की पाइप लाइन अगर गांव में डलवा दी जाए या फिर गांव में हनुमानजी मंदिर के पास 10 साल पहले कराए गए बोरवेल में मोटर डलवा दी जाए तो गांव में व्याप्त पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। लेकिन इस ओर न तो जिम्मेदार अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न जनप्रतिनिधि।

12 साल पहले बिछाई गई थी पाइप लाइनः

खरुआ गांव में 12 साल पहले पानी समस्या को दूर करने के लिए हरिहरपुरा से पानी की पाइप लाइन बिछाई गई थी। लेकिन घरों में पानी अब तक नहीं पहुंचा। वहीं गांव में हनुमानजी मंदिर के पास नलजल योजना के नाम से बोरवेल कराया गया था। बोरवेल कराए जाने के बाद ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। जिसके बाद से गांव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। हालांकि इस संबंध में कई बार ग्रामीण शिकायत से लेकर प्रदर्शन तक चुके हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

खाली होते जा रहे घरः

गांव में व्याप्त पेयजल संकट के चलते ग्रामीण पलायन करने पर मजबूर हो चुके हैं। इस वजह से गांव में बने करीब एक हजार से अधिक घर वर्तमान में खाली पड़े हैं। वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी की समस्या की वजह से लड़कों की शादी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

-गांव में व्याप्त पानी की समस्या की वजह से मेरे परिवार को मजबूरी में गांव से पलायन करना पड़ा। क्योंकि पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

लाखन सिंह गुर्जर, पार्षद वार्ड 5 गोहद

- गांव में पानी की समस्या को दूर करने को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी इस समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।

भारत सिंह, पूर्व सरपंच खरुआ

-इस मामले की जांच की जाएगी। अगर गांव में पानी समस्या है तो इसे जल्द से जल्द दूर करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

नवल किशोर पाठक, सीईओ जनपद पंचायत गोहद

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags