Teachers' Day 2021: भिंड (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मध्य प्रदेश के भिंड के शिक्षक राजनारायण राजौरिया ने कठिन माने जाने वाले रेखा गणित के सवालों को हल करने के ऐसे अनूठे तरीके खोजे हैं कि बच्चे खेल- खेल में कठिन सवाल के जवाब ढूंढ लेते हैं। उनकी इस विधा को राज्य सरकार ने भी सराहा है। राजनारायण मध्य प्रदेश के कई स्थानों सहित कई राज्यों के 100 से ज्यादा जिलों में रेखा गणित के अपने सरल फार्मूले बता चुके हैं। उन्हें 2014 में राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान और 2017 में राष्ट्रीय रामानुजन सम्मान दिया जा चुका है। राजनारायण की गणित की प्रयोगशाला में प्राइमरी से हाईस्कूल तक के बच्चों के लिए सवाल हल करने की अनूठे तरीके या फार्मूले उपलब्ध हैं।

बच्चे गणित की पाठ्यपुस्तक पढ़ने से पहले स्वयं प्रयोग कर सीखते हैं। प्रयोगशाला में निकले निष्कर्ष का पुस्तक से सत्यापन करते हैं। राजनारायण कहते हैं इनके प्रयोग से छात्र प्रश्न की अवधारणा भी निकाल सकता है। घर में निकलने वाले कबाड़ जैसे लकड़ी, गत्ता और प्लास्टिक आदि से सरल रूप से गणित सिखाने के लिए सैकड़ों डिजाइन बनाए हैं।

एक्सरे फिल्म के टुकड़ों, गत्ते से समझाते हैं फार्मूले : राजनारायण एक्सरे फिल्म के टुकड़ों और गत्ते की मदद से बच्चों को प्रयोग कर समकोण त्रिभुज से सम चतुर्भुज की आकृति बनाकर बता देते हैं। इससे बच्चे पेंसिल को घुमाकर जान सकते हैं कि इससे क्या अभिलक्षण निकलकर आते हैं। इसी से वे वृत्त के क्षेत्रफल का फार्मूला समझाते हैं। इसके अलावा त्रिकोण मिति में साइन, कोस, टेन की मूल अवधारणा समझाते हैं। आरोगेमी पद्धति में भी कागज को मोड़कर रेखा गणित पढ़ाया जाता है लेकिन इनके तरीकों में कई डिजाइन बनाए जाते हैं।

मध्य प्रदेश में 15 सौ से ज्यादा प्रयोगशाला बनाएंगे : राजनारायण की गणित को आसान बनाने वाली प्रयोगशाला प्रदेश के 1500 सीएम राइज स्कूल में बनाई जाएंगी। राज्य शिक्षा केंद्र ने यह निर्णय किया है। उन्होंने गणित पर किए अपने प्रयोगों को भोपाल में राज्य शिक्षा केंद्र के आयुक्त और अपर मिशन संचालक के समक्ष प्रदर्शित किया था।

Posted By: Prashant Pandey

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