मुश्किल समय में हिम्मत से काम लेने वाले हर बाधा पार कर सकते हैं: राधाकृष्णदास

लहार के मां सिद्धेश्वरी माता परिसर में चल रही भागवतकथा

लहार(नईदुनिया न्यूज)। मुसीबत से घबराना नहीं, बल्कि उससे डटकर मुकाबला करना चाहिए। मुश्किल में भी हिम्मत रखने वाले बड़ी से बड़ी मुसीबत से पार पा सकते हैं। यह बात कथावाचक राधाकृष्णदास महाराज ने कही। वह मां सिद्धेश्वरी मंदिर परिसर में चल ही भागवतकथा का श्रद्धालुओं को रसपान करा रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने विस्तार पूर्वक श्रीकृष्ण भगवान के जन्म की कथा का वर्णन किया।

कथावाचक ने कहा कि संस्कृति किसी समाज में गहराई तक व्याप्त गुणों के समग्र स्वरूप का नाम है। जो उस समाज के सोचने, विचारने, कार्य करने के स्वरूप में अन्तर्निहित होता है। जहां स्वार्थ की भावना होती है, वहां चरित्र नहीं होता। ऐसे मनुष्य समय आने पर पहचाने जाते हैं। जो अच्छे बनने का ढोंग करते हैं। इसलिए किसी से मित्रता या किसी की मदद निःस्वार्थ मन से की जानी चाहिए। न कि स्वार्थ पहले लाकर अपने कार्यों को करना चाहिए। क्योंकि जहां स्वार्थ जुड़ जाता है वहां किए गए अच्छे कार्यों का भी मोल नहीं रहता। यही वजह है कि नीलेश के दादा जी उसे उसके घनिष्ठ मित्रों में अच्छे-बुरे की पहचान कराते हुए उसके समझाते हैं। इससे कि नीलेश बहुत सहज महसूस करने लगता है। स्वार्थ से दूरी बना लेने से जीवन सार्थक हो जाता है। क्योंकि स्वार्थी होना सदैव दूसरे के लिए बुरा होना है। स्वार्थी मनुष्य सदैव अपनी सोचता है। वक्त आने पर वह बिना कुछ सोचे अपना फायदा तलाशते हुए किसी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए जीवन में चाहे जैसी भी जटिलता हो या राह हो, वहां स्वार्थ को दूर रखते हुए कोशिशें करनी चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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