फूफ(नईदुनिया प्रतिनिधि)। नेशनल हाइवे 719 भिंड-इटावा को जोड़ने वाले चंबल पुल पर आज सुबह से आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। क्योंकि पुल की रेलिंग और बैयरिंग, ज्वाइंट की मरम्मत होने के बाद अब आखिरी फेस में डैक स्लैब कंक्रीट बिछाए जाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। वाहनों को रोकने के लिए पुल के दोनों तरफ बैरिकेड्स लगाए जाएंगे।

भिंड-इटावा को जोड़ने वाला चंबल पुल आज से 16 दिन के लिए पूरी तरह से बंद होने जा रहा है। क्योंकि रेलिंग और बैयरिंग, ज्वाइंट की मरम्मत होने के बाद अब आखिरी फेस में डैक स्लैब कंक्रीट बिछाई जानी है। नेशनल हाइवे-719 पर भिंड-यूपी के इटावा जिले को जोड़ने वाले चंबल पुल पर मरम्मत का कार्य आखिरी चरण में आ गया है। ठेकेदार ने बताया गया कि पुल की डैक स्लैब पर वीयरिंग कोट (कांक्रीट) का कार्य कराया जाना है, जिसके लिए 18 सितंबर से 3 अक्टूबर तक पुल से होकर सभी छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन बंद किया जाएगा। बता दें कि चंबल पुल जून महीने में एक बार फिर खराब हो गया था। इटावा लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय मार्ग खंड ने पुल की मरम्मत के लिए इस पर भारी वाहनों के आवागमन रोकने का प्रस्ताव इटावा प्रशासन को भेजा था, जिस पर 27 जून की रात से यह पुल भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालांकि छोटे और हल्के वाहनों को छूट रहने की वजह से लोगों का संपर्क इटावा जुड़ा रहा। लेकिन अब इस पुल पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जा रही है।

पहली बार वर्ष 2002 में टूटी थी बैयरिंगः

वर्ष 2002 में चंबल पुल की बेयरिंग टूटने की वजह से करीब एक महीने के लिए आवागमन बंद रहा था। इसके बाद वर्ष 2008 में पुल की एक स्लैब में दरार आ गई। ऐसे में इसकी मरम्मत के लिए एक बार फिर ट्रैफिक रोका गया। वर्ष 2012 में फिर से एक स्लैब धंसकने की वजह से एक महीने से ज्यादा समय तक इस पुल पर ट्रैफिक बंद रहा था। साल 2013 में पुल के छठवें पिलर और 2016 में स्लैब टूटने व बेयरिंग खराब होने की वजह से मरम्मत कार्य हुआ था। वहीं वर्ष 2018 में पुल दो बार खराब हुआ। वहीं इस साल 27 जून से पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद चल रहा है। अगर पिछले 20 साल में 10 बार चंबल पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है।

अब छोटे वाहन चालकों को भी तय करना होगा लंबा सफरः

चंबल पुल पर भारी वाहनों के बाद छोटे और हल्के वाहनों के आवागमन पर भी रोक लगने के बाद भिंड से इटावा के बीच की दूरी बढ़ जाएगी। अभी भिंड से इटावा की दूरी 30 किलोमीटर है। स्वयं के वाहन से इटावा पहुंचने में 30 से 35 मिनट का समय लगता है। लेकिन यदि चंबल पुल सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद होता है तो भिंड के लोगों को इटावा जाने के लिए फूप से बाया हनुमंतपुरा चौराहा, चकरनगर होते हुए इटावा पहुंचना पड़ेगा, जिससे 65 किलोमीटर का अतिरिक्त फेर बढ़ जाएगा। साथ ही सफर में भी अधिक समय लगेगा। वहीं यदि यहां पर भी ढकारा की पुलिया पर ट्रैफिक रोका गया तो इटावा जाने के लिए बाया जालौन अथवा आगरा होते हुए जाना पड़ेगा।

ओवरलोड वाहनों से पुल को हुआ नुकसानः

वर्ष 1976 में यह पुल बनकर तैयार हुआ था। चंबल पुल बनाने वाले इंजिनियरों ने इसकी डिजाइन 20-25 टन वजनी वाहन के हिसाब से तैयार किया गया था, लेकिन पुल पर रोक लगाए जाने से पहले तक इस पर क्षमता से अधिक वाहन निकल रहे थे। रेत के ओवरलोड वाहनों से पुल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा। वहीं पुल बंद होने की स्थिति में भिंड की ओर जाने वाले भारी वाहन पूर्व की तरह ही यथावत जालौन अथवा शिकोहाबाद होते हुए भिंड जाएंगे। तथा जनपद भिंड से आगरा-कानपुर की ओर आने वाले भारी वाहन शिकोहाबाद अथवा जालौन होते हुए आएंगे। मार्ग पर हल्के वाहनों के प्रवेश को भी प्रतिबन्धित किए जाने की स्थिति में भिंड की ओर जाने वाले हल्के वाहन जालौन अथवा शिकोहाबाद होते हुए भिंड आएंगे या उदी चौराहे से चकरनगर-सहसों-फूफ होते हुए भिंड जाएंगे। भिंड से आगरा-कानपुर की ओर आने वाले हल्के वाहन शिकोहाबाद अथवा जालौन होते हुए आएंगे या फूफ-सहसों-चकरनगर से उदी चौराहा होते हुए इटावा आएंगे।

-चंबल पुल पर चल रहे मरम्मत के कार्य की वजह से आज से पुल पर पूरी तरह से आवागमन बंद कर दिया जाएगा। पुल के दोनो तरफ वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए जाएंगे।

मुकेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता,

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय मार्ग खंड इटावा।

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