भिंड। शहर से दुर्गा मां की प्रतिमा विसर्जन के लिए सिंध नदी के खेरा घाट पर गए दो भाई गड्ढे में फिसल गए। एक को स्थानीय लोगों ने बचा लिया, दूसरे का सुराग नहीं लगा है। जानकारी के अनुसार यह हादसा ऊमरी थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर हुआ। नदी में डूबे युवक के लिए होमगार्ड के गोताखोर सर्चिंग कर रहे हैं। इस हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। मामले की जांच की जा रही है।

विसर्जन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए पहुंचे थे

चतुर्वेदी नगर बृह्मपुरी में मोहल्ले में दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित कराई थी। मंगलवार को प्रतिमा विसर्जन के लिए ऊमरी थाना क्षेत्र में सिंध नदी के खेराघाट पर ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए पहुंचे थे। साथ में 9वीं कक्षा का छात्र छोटू (16) पुत्र दीप श्रीवास निवासी चतुर्वेदी नगर बृह्मपुरी और छोटू के ताऊ का बेटा रोहित (16) पुत्र पप्पू श्रीवास साथ गया। घाट पर पहले से कुछ लोगों एक अन्य प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी में जा रहे थे।

अचानक गहरे गड्ढे में चले गए

छोटू और रोहित उनके साथ हो लिए। अचानक छोटू और रोहित नदी में गहरे गड्ढे में चले गए। पास में प्रतिमा विसर्जन के लिए आरती कर रहे शास्त्री नगर बी ब्लॉक निवासी सुधीर सिरौठिया पूजा की थाली छोड़कर दोनों भाइयों को बचाने नदी में कूद गए। सुधीर ने रोहित को तो बचा लिया, लेकिन छोटू तक नहीं पहुंच पाए।

ट्रक ड्राइवर पिता हड़ताल के कारण मुंबई में फंसे

राहुल के परिवार में पिता दीप श्रीवास, मां उमा श्रीवास, बड़ा भाई सुखेंद्र उर्फ चिंकू श्रीवास, बहन प्रिया है। हादसे की खबर सुनकर मां उमा श्रीवास बेसुध हो गईं। चाचा राहुल श्रीवास और बड़े भाई मोहल्ले के लोगों के साथ सिंध नदी के खेरा घाट के लिए रवाना हो गए हैं। पिता दीप श्रीवास ट्रक ड्राइवर हैं, जो मुंबई में ट्रक ऑपरेटर की हड़ताल से वहीं पर फंसे हैं।