निजी अस्पताल में गर्भपात के बाद प्रसूता की बिगड़ी हालत, मामले की जांच के लिए सीएमएचओ ने बनाई कमेटी

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

करीब पांच महीने गर्भवती 14 साल की एक किशोरी ने शनिवार को कोलार के एक निजी अस्पताल में नवजात बच्ची को जन्म दिया। गर्भपात के बाद किशोरी की हालत बिगड़ने पर उसे कोलार के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में रेफर कर दिया। यहां इलाज की पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने जेपी अस्पताल रेफर कर दिया था। यहां किशोरी की नवजात बच्ची को शिशु गहन चिकित्सा ईकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया है। किशोरी प्रसूति वार्ड में भर्ती है।

जेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि किशोरी को करीब पांच महीने का गर्भ था। पेट में दर्द होने पर परिजन उसे कोलार के बंजारी स्थित निजी अस्पताल में ले गए। यहां सुबह साढ़े सात बजे डॉक्टरों ने महिला का गर्भपात कराया। इसके बाद किशोरी को ब्लीडिंग शुरू हो गई तो यहां से कोलार सीएचसी रेफर कर दिया। कोलार के डॉक्टरों ने पुलिस की सूचना दी। पुलिस पहुंची तो परिजन चले गए। पुलिस ने किशोरी को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया है। यहां उसका इलाज चल रहा है। किशोरी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, जबकि नवजात की हालत नाजुक है। गौरवी की काउसंलर्स ने भी किशोरी से बातचीत की है। हालांकि, किशोरी अपने साथ हुई किसी तरह की घटना को बताने को तैयार नहीं है।

मामले की जांच के लिए सीएमएचओ भोपाल डॉ. सुधीर डेहरिया ने तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाई है। कमेटी यह जांच करेगी निजी अस्पताल में डॉक्टरों की मौजूदगी में गर्भपात कराया गया है या नहीं।