भोपाल (ब्यूरो)। वर्ष 2009-2010 में हुए पीएमटी घोटाले में सीबीआई ने 100 आरोपितों के खिलाफ चालान पेश किया है। व्यापमं के विशेष अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश डामोर की अदालत में पेश दो हजार पेज के चालान में 225 पृष्ठों का आरोप-पत्र और 1775 पेज के दस्तावेज पेश किए गए हैं। चालान में 250 गवाहों की सूची भी पेश की गई है। इस मामले में पूर्व में कोहेफिजा पुलिस और एसटीएफ 61 छात्रों, दलालों और अविभावकों के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है। मामले की जांच सीबीआई के पास आने के बाद 39 नए आरोपितों के नाम चालान में जोड़े गए। सीबीआई के अंतिम चालान में 43 छात्रों, 49 दलालों और 8 अविभावकों को आरोपित बनाया गया है।

क्या है मामला

व्यापमं द्वारा आयोजित पीएमटी 2009 -2010 में उत्तीर्ण छात्रों की गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में मेरिट के आधार पर काउंसलिंग की गई थी। काउंसलिंग के दौरान प्रवेश पा चुके छात्रों के दस्तावेजों की जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2009 में गांधी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा चुके 19 छात्रों और वर्ष 2010 में प्रवेश पा चुके 9 छात्रों के फोटो और हस्ताक्षरों का मिलान उनके प्रवेश-पत्रों से नहीं हो रहा था। जांच कमेटी ने कुल 28 छात्रों के दस्तावेज संदिग्ध पाते हुए इस संबंध में 4 जुलाई 2012 को कोहेफिजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

कोहेफिजा पुलिस ने इस मामले में सभी 28 संदिग्ध छात्रों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के तहत अपराध कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान सौरभ सचान को गिरफ्तार किया गया , जिसके विरुद्घ 26 नवंबर 2012 को पहला चालान पेश किया गया। गिरफ्तार किए गए छात्र से पूछताछ में घोटाले में शामिल छात्रों, दलालों और अविभावकों के नाम उजागर होना शुरू हो गए। पुलिस ने इस मामले में दलाल विंध्यवासिनी साकेत को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि इस संपूर्ण घोटाले में उत्तर प्रदेश, बिहार व अन्य राज्यों के लोगों को स्कोरर के रूप में बुलाया गया था जिनको दलालों के द्वारा मोटी रकम देकर परीक्षा में मूल छात्र के स्थान पर सम्मिलित कराया जाता था। इसके लिए प्रवेश-पत्र में लगे फोटो और हस्ताक्षर में छेड़छाड़ कर परीक्षा दिलाई जाती थी। परीक्षा का परिणाम आने पर उत्तीर्ण होने वाले मूल छात्रों को काउंसलिंग के दौरान उपस्थित कर दिया जाता था।

पूछताछ में हुए खुलासे के बाद कोहेफिजा पुलिस और एसटीएफ ने 20 जुलाई 2014, 12 मार्च 2015, 23 मई 2015 और 23 जून 2015 को कुल 61 छात्रों, स्कोरर और दलालों के खिलाफ पूरक चालान पेश किए थे। सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद 39 नए आरोपितों के नाम जोड़े गए हैं। इस प्रकार मामले में कुल 100 आरोपितों के खिलाफ अंतिम चालान पेश किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network