फोटो जेड में-हमीदिया नाम से

कैप्शन-हमीदिया के निर्माणाधीन अस्पताल के ब्लाक-1 से जुड़ा विवादित भवन (लाल रंग में)

-विवादित भवन के फेर में अस्पताल के 80 बिस्तर व आपातकालीन रास्ते में अड़ंगा

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

हमीदिया के दो हजार बिस्तर के नए अस्पताल भवन में अड़गा बने विवादित दवा भवन को गिराने को लेकर अभी प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है। इसके चलते सबसे ज्यादा दिक्कत आपातकॉलीन रास्ता बनाने को लेकर आ रही है। अस्पताल का निमार्ण कर रही एजेंसी पीआईयू (प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट) ने अब आपातकालीन रास्ते के लिए नया प्रस्ताव दिया है। इसमें विवादित भवन की ऊंचाई तक पिलर बनाने के बाद एक प्लेटफार्म बनाया जाएगा। इसके ऊपर पुरानी डिजाइन के अनुसार निर्माण कार्य किया जाएगा। इसमें करीब 35 करोड़ अतिरिक्त खर्च आएगा।

पीआईयू के अफसरों ने बताया कि इसके अलावा आपातकालीन रास्ता बनाने का कोई विकल्प नहीं है। जब तक रास्ता तैयार नहीं होता अस्पताल शुरू नहीं किया जा सकता। निर्माण कार्य से जुड़े पीआईयू के अफसरों ने प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए विभाग के आला अफसरों के पास भेज दिया है। हालांकि, अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है।

बता दें कि तीन साल पहले तक इस विवादित भवन में हमीदिया अस्पताल का दवा स्टोर था। मई 2017 में दो हजार बिस्तर के अस्पताल के निर्माण के दौरान पुराने भवनों को गिराया जा रहा था। इसी दौरान दवा स्टोर (लाल बिल्डिंग) को गिराने का कुछ लोगों ने विरोध किया था। उनका पक्ष था कि यह धार्मिक स्थल है। तब से आज तक प्रशासन इस भवन को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पाया है। हालांकि, मई 2017 में राज्य सरकार ने मप्र पुरातत्व विभाग के तत्कालीन टेक्निकल असिस्टेंट डॉ. अहमद अली से इस भवन का निरीक्षण कराया था। उन्होंने बताया था कि यह भवन कभी फतेहगढ़ किले का दरवाजा था। यहां पर सुरक्षा प्रहरी तैनात रहते थे। उन्होंने कहा था कि भवन करीब 200 साल पुराना है। इसकी पूरी डिजाइन किले के दरवाजे की तरह है, न कि धार्मिक स्थल की तरह।

आईसीयू के बेड भी हो जाएंगे कम

यह भवन ब्लाक-1 से सटा है। इस कारण भूतल से लेकर ऊपर मंजिल तक शौचालय, आईसीयू व साधारण वार्ड नहीं बन पा रहा है। पहली मंजिल से लेकर आखिरी मंजिल तक शौचालय, अलग-अलग मंजिल पर आईसीयू के 12 बिस्तर व विभिन्न मंजिलों पर सामान्य वार्डों के 68 बेड नहीं बन पा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network