- 2016 में पांच लोगों की हुई थी डूबने से मौत, कलेक्टर को सौंपी थी जांच

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

भोपाल में 11 युवकों की मौत के बाद शुरू हुई न्यायिक जांच कागजी कार्रवाई नजर आ रही है। कलेक्टर भोपाल तरुण पिथोड़े ने न्यायिक जांच के आदेश दिए। इस आदेश में जांच के जो बिंदु निर्धारित किए गए है वे 2016 में हुई जांच के आदेश के बिंदुओं के जैसे ही हैं। जांच में ऐसा कोई बिंदु शामिल नहीं किया गया है जिससे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

दरअसल, छोटे तालाब में नाव दुर्घटना में 5 युवकों की मौत होने के मामले में 22 मार्च 2016 में नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव ने कलेक्टर भोपाल को जांच सौंपी थी। इसकी जांच में कहा गया था कि घटना के मुख्य कारण एवं उसके लिए उत्तदायित्व का निर्धारण। घटना स्थल पर सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक सुझाव, उपाय। अन्य प्रासंगिक बिंदु जो उचित हो। यदि उस घटना या जांच से सबक लिया जाता तो इस घटना को रोका जा सकता था।

2019 में इन बिंदुओं पर की जानी है जांच

- जांच के तहत मृत्यु की सूचना पुलिस को कब प्राप्त हुई?

- पुलिस द्वारा तत्काल क्या कार्यवाही की गई?

- घटना किन परिस्थितियों में घटित हुई?

- क्या घटना के लिए कोई जिम्मेदार है?

- विसर्जन के दौरान ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या प्रयास किए गए थे?

- क्या मृत व्यक्तियों का पोस्ट मार्टम कराया गया?

- पोस्ट मार्टम की बिसरा रिपोर्ट क्या पाई गई ?

- स्थानीय नागरिकों की संपूर्ण घटनाक्रम में क्या भूमिका रही?

- घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने संबंधी सुझाव और जांच के दौरान दृष्टिगत होने वाले अन्य बिन्दुओं पर जांच होगी।