भोपाल। कोरोना वायरस की वजह से कारपेंटर प्रहलाद विश्वकर्मा की कमाई बंद हो गई है। तीन महीने से वह काम पर नहीं गया है। वजह, काम ही नहीं मिला। अब पटरी पर जिंदगी लौट ही रही थी कि मंगलवार दोपहर में घर आए बिजलीकर्मियों ने 11 हजार 649 रुपये का बिल देकर परेशानी बढ़ा दी है। प्रहलाद की पत्नी व बच्चे परेशान हैं। यह अकेले प्रहलाद विश्वकर्मा की ही समस्या नहीं है, बल्कि और भी उपभोक्ता हैं जो कह रहे हैं कि उनके घर खपत से अधिक का बिल आया है। इस पर बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से घरेलू खपत बढ़ गई है, इसलिए बिल की राशि बढ़ी है। उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत के ही बिल बांटे जा रहे हैं। फिर भी कोई सुधार की जरूरत होगी तो करेंगे।

बता दें कि बिजली कंपनी शहर में मई की बिजली खपत के बिल बांट रही है। कटारा हिल्स, कोलार, सेमरा क्षेत्र में बिलों का वितरण शुरू हो गया है। जिन उपभोक्ताओं को मिल मिले हैं, उनमें से कुछ का कहना है कि उनके घर खपत से अधिक के बिल आए हैं, जो कि चिंता की बात है।

केस 1 : पंखा तो बंद रहता है

कारपेंटर प्रहलाद विश्वकर्मा बागमुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी में रहते हैं। उनका कहना है कि गर्मी में कूलर चलाते हैं, तब पंखा बंद रखते हैं। जब पंखा चलाते हैं तब कूलर बंद रखते हैं। फिर भी 11 हजार 649 रुपय का बिल दिया है। जबकि, अप्रैल महीने में उसने 332 रुपये जमा किए हैं।

केस 2 : 15 दिन पहले किश्त पर कूलर खरीदा था

कटारा हिल्स क्षेत्र में रहने वाले राजेश बरपे कहते हैं कि उन्होंने 15 दिन पहले किश्तों में कूलर खरीदा है। उसके पहले पंखा चलाते थे। फ्रिज भी चलता है। बीते साल गर्मी में भी इतना बिल नहीं आया था। बीते महीने 186 रुपये जमा किए हैं और मई का बिल 1712 रुपये दे दिया है।

केस 3 : एक महीने में 1100 से 7 हजार हो गया बिल

लहारपुर क्षेत्र में रहने वाले उमेश ठाकुर ने बताया कि अप्रैल महीने में उसने 1100 रुपये ऑनलाइन जमा किए थे। जबकि, मई का बिल 6 हजार 988 रुपये आया है। घर में टीवी, फ्रिज व पंखे के अलावा दूसरे उपकरण नहीं चला रहे हैं, तब भी ज्यादा बिल आ गया है। कंपनी को कम करना चाहिए।

केस 4 : बिल कम करने की बजाय बढ़ाकर दे दिया

शक्ति नगर में रहने वाले सोहनलाल ओझा के घर में अप्रैल माह का बिल 150 रुपये आया था। मीटर खराब होने के बाद भी बिला आया तो उन्होंने नए मीटर से रीडिंग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। जिसमें सुधार करने के बजाय उन्हें 2164 रुपये का बिल दे दिया।

कंपनी का तर्क

लॉकडाउन था, लोग घरों में थे। इस बीच गर्मी भी बढ़ गई। कूलर, पंखे व फ्रिज का उपयोग बढ़ा है, इसलिए घरेलू खपत बढ़ गई है।

जिन उपभोक्ताओं को लगता है कि उनके बिल खपत से अधिक आए हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी। दोबारा रीडिंग देखेंगे। वैसे रीडिंग लेने के बाद ही बिल दिए गए हैं। जहां सुधार करने की जरूरत होगी, वहां सुधार भी करेंगे। -एपी सिंह, जीएम सिटी सर्किल मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल

Posted By: Nai Dunia News Network

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