भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि । उम्र महज 8 साल और अभी तक पैरों की 18 बार सर्जरी। लेकिन मासूम मोहिनी की जीवटता के आगे जैसे दर्द भी घुटने टेक चुका है। नाम के अनुरुप मोहिनी मुस्कान लिए मोहिनी एक बार फिर पैरों की सर्जरी के लिए नर्मदा अस्पताल में दाखिल हुई है। हादसे में बुरी तरह कुचल जाने से उसका दायां पैर सर्जरी के बाद बाएं पैर के मुकाबले चार इंच छोटा हो गया है। चिकित्सक अभी दाएं पैर को दो इंच बढ़ाने के लिए मोहिनी के पैर की 19 वीं सर्जरी करने जा रहे हैं। पैर को शेष 2 इंच बढ़ाने के लिए मोहिनी को 18 वर्ष की होने तक इंतजार करना होगा।

निशातपुरा के कपिला नगर में रहने वाले बीएन शर्मा और उनकी पत्नी रश्चिम शर्मा की रुह आज भी 3 नवंबर-15 को हुए हादसे को लेकर कांप सी जाती है। तब पहली कक्षा में पढ़ने वाली फूल सी नाजुक मोहिनी दोपहर में स्कूल वैन से उतरी ही थी,तभी एक ट्रक उसके पैरों को रौंदता हुआ चला गया था। लंबा समय और कई ऑपरेशन के दौर से गुजरने के बाद भी मोहिनी के दाएं पैर के घुटने को नहीं बचाया जा सका।

लेकिन मासूमियत के साथ मिली नैसर्गिक जीवटता ने मोहिनी की मुस्कान के आगे दर्द भी हार गया। अस्पताल से घर पहुंचने के बाद मोहिनी जब स्कूल पहुंची तो स्कूल प्रबंधन में भी उसे हाथों-हाथ लिया। कुछ दिनों बाद जब चिर-परिचित अंदाज में जब मोंहिनी ने थिरकना शुरू किया थो। शर्मा दंपति की आंखों में खुशी के आंसू छलकने लगे। कुशाग्र बुद्धि के चलते मोंहिनी आज कमलादेवी पब्लिक स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मनाया था जन्मदिन -

मोहिनी के पिता बीएन शर्मा ने बताया कि उनकी हैसियत इकलौती बेटी का महंगा इलाज कराने की नहीं थी। लेकिन अस्पताल प्रबंधन के साथ ही मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की सह्दयता के चलते उनकी बेटी अपने पैरों पर खड़ी हो सकी। हादसे के कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री ने मोहिनी का जन्मदिन अस्पताल में मनाया था। क्षेत्रीय विधायक विश्वास सारंग ने भी बेटी के लिए मदद में अपना सहयोग दिया है। शर्मी ने बताया कि अभी चिकित्सक ऑपरेशन कर मोहिनी के पैर को दो इंच बढ़ाएंगे। इसके बाद उसके 18 वर्ष की होने पर एक और ऑपरेशन कर दो इंच पैर और बढ़ाया जाएगा।