भोपाल(नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना काल में निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही मोटी फीस के कारण अभिभावक अपने बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूलों में करवा रहे हैं। जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में इस सत्र में 1140 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इसमें से 977 विद्यार्थी निजी स्कूलों के हैं। यानी 85 फीसद विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों से नाम कटवाकर सरकारी स्कूल की ओर रुख किया है। इसमें से 84 विद्यार्थी राजधानी के बड़े सीबीएसइ स्कूलों के हैं। उत्कृष्ट विद्यालय की नवमीं और 11वीं कक्षा में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। असल में निजी स्कूलों में अभिभावकों को मोटी फीस देनी पड़ रही है। इसके अलावा इस बार उत्कृष्ट विद्यालय के 318 विद्यार्थियों को लैपटॉप भी मिला है। 40 से अधिक बच्चों का नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं में चयन हुआ है। इसलिए भी उत्कृष्ट स्कूल में पढ़ने के प्रति विद्यार्थियों का रुझान है।

वर्तमान में स्कूल में 2365 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस सत्र में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 22 लाख बच्चों ने प्रवेश लिया है। उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुधाकर पाराशर ने कहा कि बच्चों के बेहतर प्रदर्शन में सभी शिक्षकों का बराबर सहयोग मिलता है।

हर साल मेरिट में आते हैं छह से सात बच्चे

हर साल उत्कृष्ट विद्यालय के छह से सात बच्चे राज्य स्तरीय मेरिट में आते हैं। यहां संचालित सुपर-100 के विद्यार्थियों में से 30 से 35 हर साल जेईई व नीट जैसी परीक्षाओं में पास होते हैं। यही कारण है कि हर साल यहां की नवमीं और 12वीं की प्रवेश परीक्षा में प्रदेश भर के 30 से 50 हजार विद्यार्थी शमिल होते हैं।

Posted By: Ravindra Soni

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags