भोपाल। प्रदेश में औद्योगिक विकास का उजियारा चारों ओर पहुंचे, इसके लिए सरकार अब नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर जोर देगी। इसके लिए होशंगाबाद जिले के बाबई में बड़ा औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा। इसमें उद्यानिकी विभाग से जमीन लैंड पूल पॉलिसी के तहत ली जाएगी यानी जमीन के एवज में विभाग को कुछ विकसित भूखंड दिए जाएंगे।

पार्क में उद्योगों को सस्ती दर पर बिजली मिले, इसके लिए उद्योग विभाग विद्युत वितरण कंपनी के साथ करार करेगा। बताया जा रहा है कि यह औद्योगिक पार्क ढाई हजार एकड़ के आसपास जमीन पर बनेगा। अभी उद्योग विभाग के पास 16 सौ एकड़ जमीन है।

उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में उद्योगों की पहली पसंद पीथमपुर, इंदौर, देवास जैसे चुनिंदा स्थान ही हैं। पीथमपुर में जगह अब नहीं बची है। एशियाई देशों के लिए आरक्षित जमीन में से 72 हेक्टेयर वापस लेने का फैसला मंगलवार को ही कैबिनेट में लिया गया है। यहां मल्टी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को जमीन दी जाएगी। वहीं, अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए जगह तलाशी जा रही हैं।

सबसे पहले बाबई में औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। यहां मोहासा में 1600 एकड़ जमीन उद्यानिकी विभाग से लेकर उद्योग विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन विभाग अब बाकी जगह को भी लेकर बड़ा औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी में है।

यहां करीब सवा तीन हजार एकड़ जमीन है। कोकाकोला प्लांट के लिए यहां 110 एकड़ जमीन दी जा चुकी है पर स्थानीय विरोध के कारण अभी तक प्लांट शुरू नहीं हो पाया है। जबकि, तत्कालीन भाजपा सरकार के उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल भूमिपूजन भी कर चुके हैं।

उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाबई लॉजिस्टिक हब के लिए सबसे मुफीद जगह है। स्टेट हाइवे से लगा होने के साथ यह रेल नेटवर्क के भी नजदीक है। इसके अलावा यहां खाद्य प्रसंस्करण उद्योग बड़े पैमाने पर लगाए जा सकते हैं, क्योंकि होशंगाबाद, नरसिंहपुर, हरदा सहित अन्य आसपास के जिले कृषि प्रधान हैं।

नर्मदा नदी नजदीक होने से पानी की कोई समस्या नहीं है। पूरी तरह सरकारी स्वामित्व की जमीन होने के कारण अधिग्रहण जैसी समस्या नहीं है। उद्यानिकी विभाग से जमीन उद्योग विभाग के पास आनी है। इसके लिए उद्यानिकी विभाग को जमीन के बदले में कुछ विकसित भूखंड दिए जाएंगे। वहीं, आम और अमरूद के जो फार्म हैं वे यथावत रखे जाएंगे।

Posted By: Hemant Upadhyay