भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के नए भवन का सोमवार को हिंदी दिवस पर लोकार्पण राज्यपाल आनंदी बेन पटेल एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। कोरोना संक्रमण के कारण कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यपाल ने कहा कि हिंदी में हर भाषा और बोली को अपने में समाहित करने की क्षमता है। हिंदी हमें अपनत्व का पाठ पढ़ाती है। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा का सामाजीकरण होना आवश्यक है।

उन्‍होंने कहा कि छात्रों का सामाजीकरण करने में विश्वविद्यालय बहुत बड़ा योगदान कर सकता है। यदि युवाओं को शिक्षा देनी है तो भारतीय परंपरा, संस्कृति की शिक्षा छोटे बच्चों को भी मिले। शिक्षकों का इस प्रकार से प्रशिक्षण होना चाहिए, जिससे वे भारतीय परंपरा का ज्ञान प्राप्त कर सकें।

राज्‍यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार इस बारे में सोचे तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था करे। शिक्षा के क्षेत्र में हिंदी विश्वविद्यालय में ऐसा वातावरण होना चाहिए कि दुनिया भर के विद्यार्थी हमारा इतिहास, संस्कृति यहां से लेकर जाएं तथा विश्वविद्यालय एक पत्थरों का भवन न होकर भारतीय परंपरा का केंद्र बने तथा सभी को ज्ञान का अवसर प्रदान करे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हिंदी आज दुनिया में तीसरी सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा है। यह भाषा हमें जोड़कर रखती है। हमारे प्रधानमंत्री मातृभाषा में बोलते हैं और जब वे हिंदी में बोलते हैं, तो हिंदी और हिंदुस्तान का सम्मान सारी दुनिया में बढ़ता है। विश्वविद्यालय के कुलपति आरडी भारद्वाज ने बताया कि वर्तमान में हमारे यहां 60 पाठ्यक्रम संचालित हैं। प्रधानमंत्री रोजगार योजना व मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मुख्य रूप से स्टार्टअप के जितने भी कार्यक्रम हैं, उन्हें हमारे विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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