भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की वजह से देश-विदेश में हड़कंप मचा हुआ है। बैंगलोर में इस वैरिएंट के दो केस मिलने से अब मप्र में भी दहशत का माहौल है। इसे कोरोना की तीसरी लहर के आने का संकेत माना जा रहा है। इसी बीच प्रदेश में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जनवरी में कोरोना के नए वैरिएंट का प्रकोप फैल सकता है। इतना ही नहीं, उनका मानना है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो अनेक लोगों को अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम जल्दी से जल्‍दी सेकंड डोज लगाने का लक्ष्‍य पूरा कर पाएं। ऐसा अनुमान है कि जनवरी में प्रदेश में नए वैरिएंट का फैलाव शुरू होगा। तब तक ज्यादातर आबादी को कोरोना वैक्‍सीन की सेकंड डोज लग चुकी होगी।

आरटीपीसीआर जांच में पकड़ में आ रहा नया वैरिएंट, किसी नए टेस्ट की जरूरत नहीं

उन्‍होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ और भारत सरकार से मिले फीडबैक में पता चला है कि नए वैरिएंट में 50 से ज्यादा म्यूटेशन हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट में यह वैरिएंट चिन्हित हो सकता है। हमें कोई नया टेस्ट खोजने की जरूरत नहीं हैं। अब तक की रिपोर्ट से पता चला है कि डेल्टा वैरिएंट से ज्‍यादा यह वैरिएंट फैल सकता है। जिनमें पहले संक्रमित होने के कारण इम्युनिटी डेवलप हुई है या वैक्सीन लगने के बाद यह वैरिएंट पुरानी इम्युनिटी को वायपास कर पाएगा, इस पर अभी डब्ल्यूएचओ की स्थिति साफ नहीं हैं। वैक्सीन लगने के बाद संक्रमण हो सकता है लेकिन मरीजों की सीरियस कंडीशन नहीं होगी। सरकार इस बात की तैयारी की जा रही है कि यदि वैरिएंट आ ही गया तो लोगों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए बेड, ऑक्सीजन, इलाज के लिए कोई कमी न हो।

Posted By: Ravindra Soni

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