भोपाल। राज्य बीमारी सहायता निधि के तहत मरीजों का इलाज अब 31 मार्च के बाद नहीं होगा। इन मरीजों का आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज किया जाएगा। यह मरीजों के लिए और सुविधा जनक हो जाएगी। आयुष्मान में योजना में 1393 बीमारियों का इलाज किया जा रहा है, जबकि राज्य बीमारी में सिर्फ 21 बीमारियां शामिल थीं।

राज्य बीमारी सहायता निधि के तहत नए केस स्वीकृत नहीं करने के निर्देश संचालक बीएन चौहान पहले ही सीएमएचओ और सिविल सर्जन को जारी कर चुके हैं।

अब 31 मार्च के बाद पहले से स्वीकृत प्रकरणों में भी इलाज नहीं किया जाएगा। इसके अलावा दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना के तहत भी नए पंजीयन कार्ड बनाना बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य आयुक्त नीतेश व्यास ने इस संबंध में सभी सीएमएचओ व सिविल सर्जन को पत्र लिखा है।

क्या हैं योजनाएं

आयुष्मान भारत योजना-चिन्हित परिवार को लोगों को हर साल 5 लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज सरकारी व निजी अस्पतालों में।

राज्य बीमारी सहायता निधि- इसमें 21 बीमारियों के लिए प्रति परिवार जीवन में एक बार दो लाख रुपए तक इलाज की पात्रता थी।

दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना- गरीब परिवार के लोगों को साल में 30 हजार रुपए तक इलाज सिर्फ सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने पर मिल रहा था।