रायसेन/ विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। केंद्र सरकार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के अधीन प्राचीन मंदिरों को दर्शन के लिए खोलने के लिए 1958 के कानून में संशोधन कर रही है। संसद के शीतकालीन सत्र में संशोधन विधेयक सरकार पेश कर सकती है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से रायसेन के किला स्थित श‍िव मंदिर और विदिशा के विजय मंदिर के ताले खुलने की उम्मीद बढ़ गई है।

केंद्र की इस पहल का स्वागत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्वीट करते हुए कहा है कि 'नवदुनिया में मैंने यह खबर देखी कि केंद्रीय पुरातत्व विभाग सभी संरक्षित पुराने मंदिरों को खोलकर पूजा-पाठ करने की अनुमति देने की दिशा में निर्णय ले सकता है। यह रायसेन के किले के शिवजी की महा विजय होगी। राजा पूरनमल, उनका परिवार, उनके सैनिक, उनकी जौहर में बलिदान हो गए।

जीवन संगिनियों के लिए किया गया तर्पण काम आएगा। उमा ने कहा कि गंगोत्री से लाया गया गंगा-भागीरथी के जल का कलश रायसेन कलेक्टर के पास ही रखा है। यदि सब कुछ ठीक रहा और राज्य सरकार अपनी औपचारिकताएं पूर्ण कर लेगी तो उसके तुरंत बाद रायसेन किले में स्थित शिव मंदिर एवं विदिशा का विजय मंदिर (चर्चिका देवी का मंदिर) में जल चढ़ाउंगी। भक्तों की शिव भक्ति का महा अभिनंदन, लगता है महादेव का डमरू बज उठेगा।

नवदुनिया ने चलाया था अभियान

नवदुनिया ने रायसेन किला स्थित शिव मंदिर और विदिशा के विजय मंदिर का ताला खुलवाने के लिए अभियान चलाया था। 11 अप्रैल को पूर्व सीएम उमा भारती ने किले पर पहुंचकर शिव मंदिर के गर्भगृह के बाहर से शिवलिंग का जल अभिषेक व पूजन किया था। क्षेत्रीय विधायक व स्वास्थ्य मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी ने संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर को ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय से मंदिर का ताला खुलवाने की अपील की थी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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