भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। महिला कर्मचारी को देर रात रूकने का दबाव बनाने वाले शिक्षा विभाग के जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) राजेश बाथम पर शनिवार को छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया। कोहेफिजा थाना पुलिस ने यह कार्रवाई कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद की है। पिछले चार महीनों से पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही थी।

स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) राजेश बाथम के खिलाफ कार्यस्थल पर यौन प्रताड़ना की शिकायत करीब चार महीने पूर्व की गई थी। शुरुआत में इस मामले में जांच समिति बनाई गई थी, लेकिन उसमें राजेश बाथम के अधीनस्थ काम करने वाले कर्मचारियों को ही जांच का काम सौंपा था। इस बात से नाराज महिला ने समिति को बयान देने से मना कर दिया था। उसके बाद इस मामले में डीपीसी कार्यालय, जेडी की कमेटी व कलेक्टर की कमेटी बन चुकी थी। कलेक्टर की कमेटी भी राज्य शिक्षा केंद्र से मिले पत्र के बाद गठित की गई थी। कलेक्टर की कमेटी में डिप्टी कलेक्टर अंकिता त्रिपाठी ने मामले की जांच की। कमेटी ने पीड़िता व मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान लिए। करीब डेढ़ माह पहले रिपोर्ट कलेक्टर भोपाल को सौंप दी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर कोहेफिजा थाना पुलिस ने आरोपित राजेश बाथम के खिलाफ छेड़छाड़ करने का मामला दर्ज कर लिया है।

क्या है मामला

पीड़ित महिला वर्ष 2017 से कार्यालय में कार्यरत है। उसका आरोप है कि बाथम द्वारा महिला के साथ अश्लील हरकतें की जाती थीं। उसे देर रात तक आफिस में रुकने को कहा जाता था। कोरोना काल के दौरान सिर्फ उसे ही आफिस बुलाया गया। इस दौरान बाथम उससे अश्लील बातें करते थे। विरोध करने पर महिला को लगातार परेशान किया जाने लगा। इसी से परेशान होकर महिला ने पहले विभाग में और बाद में अन्‍य जगहों पर इसकी शिकायत की थी।

Posted By: Ravindra Soni

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