भोपाल। मिलावटी मावा पकड़ने के लिए खाद्य और औषधि विभाग द्वारा चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के चलते शहर के व्यापारियों ने मावा मंगाना ही बंद कर दिया था। ऐसे में रक्षाबंधन से पहले मावे की किल्लत शुरू हो गई। भाव भी पांच सौ रूपए किलो से ऊपर चले गए थे। मावा व्यापारी संघ ने इसे लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था और अपनी दुकानें भी बंद कर दीं। आज मावा व्यापारी संघ की कलेक्टर से मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने व्यापारियों को जांच को लेकर आश्वासन दिया। जिसके बाद मावा व्यापारी संघ ने अपपनी हड़ताल वापस ले ली है। अब मावा के सेंपल दुकानों से लिए जाएंगे। व्यापारियों को बीच रास्ते में रोककर सैंपल नहीं लिया जाएगा।

बता दें कि प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में शहर के मावा व्यापारियों ने सोमवार से अनिश्चित समय के लिए अपनी दुकानें बंद कर दी थीं। उन्होंने भोपाल स्टेशन के पास प्रदर्शन भी किया था। शहर में राजगढ़ और रतलाम से मावा आता है। रक्षाबंधन में खपत ज्यादा होने से ग्वालियर अंचल से मावा मंगाया जाता है। 19 जुलाई को मुरैना में सिंथेटिक दूध व मावा पकड़े जाने के बाद प्रदेशभर में मावा के नमूने लिए जा रहे हैं। मावा जब्त किया जा रहा है। इससे मावा व्यापारी डरे हैं। इसलिए बाहर से मावा नहीं आ रहा है।

ये हैं मांगें

-मावा में फैट की मात्रा कम होने पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है, जबकि ऐसे मामलों में कोर्ट में सुनवाई के बाद जुर्माने का प्रावधान है।

-मावा ले जाने वाले वाहन को जांच के नाम पर रोका जाता है। यह जांच निर्माण व विक्रय स्थल पर की जानी चाहिए। मावा ले जाने के लिए बस, जीप, कार, ऑटो को शहर में आने से छूट होनी चाहिए।

-कुछ दिन पहले हाईकोर्ट ने खाद्य पदार्थों की जांच जिलों की सीमाओं में करने को कहा है, मावा व्यापारी भी यही चाहते हैं।