भोपाल (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश में अवैध शराब के काराबोर पर प्रहार करने के बाद शिवराज सरकार ने अब नशामुक्ति को आंदोलन बनाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जानते हैं कि शराबबंदी एकाएक नहीं हो सकती है। इसके लिए समाज को तैयार करना होगा। इसकी शुरुआत उन्होंने रविवार को गांधी जयंती से कर दी है। 11 विभाग मिलकर अभियान चलाएंगे और समाज का नशामुक्ति के लिए जागरुक करेंगे। गौरतलब है कि सरकार ने शराब की नई दुकान नहीं खोलने का निर्णय पहले से लिया हुआ है।

प्रदेश में नशाबंदी को लेकर काफी समय से मांग उठ रही है। भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती इसको लेकर मुखर रही हैं। वे लगभग डेढ़ साल से इस प्रयास में थीं कि सरकार इस पर कोई ठोस कार्ययोजना बनाए। उन्होंने शराब दुकानों के सामने आंदोलन भी किए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्ण दत्त शर्मा से लेकर वरिष्ठ नेताओं से उनकी चर्चा भी हुई। उन्होंने कई बार अभियान चलाने का ऐलान किया पर किसी ने किसी कारण से टलता रहा। इसको लेकर वे कांग्रेस के निशाने पर भी आईं और फिर उन्होंने दो अक्टूबर से नशामुक्ति के लिए अभियान चलाने का ऐलान कर दिया। कई स्थानों पर महिलाओं ने दुकान बंद करने या स्थानांतरित करने को लेकर आंदोलन किए। उधर, मुख्यमंत्री का शुरुआत से ही स्पष्ट पक्ष था कि शराबबंदी कोई विकल्प नहीं है। इसके लिए जागरुकता के माध्यम से पहले समाज को तैयार करना होगा। राजस्व अर्जन ही सरकार का मकसद नहीं है।

मालूम हो कि सरकार को शराब से पिछले साल दस हजार तीन सौ करोड़ रुपये की आय हुई थी। इस वर्ष 12 हजार 834 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। सभी तीन हजार 605 दुकानें नीलाम हो चुकी हैं। सरकार ने तय किया है कि उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, गृह, आबकारी, वन, जनसंपर्क विभाग और जिला प्रशासन मिलकर अभियान चलाएंगे। जन अभियान परिषद सामाजिक संगठनों को इससे जोड़ेगी। 17 नशामुक्ति सह पुनर्वास केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।

18 लाख लीटर शराब और एक हजार 361 वाहन किए गए जब्त

पिछले कुछ समय में अमानक शराब के मामले भी सामने आए हैं, जिसे देखते हुए सरकार ने अवैध शराब का कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का अभियान छेड़ा हुआ है। शराब माफिया के विरुद्ध अभी तक दो लाख 10 से अधिक प्रकरण में दो लाख 60 हजार व्यक्तियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

25 लाख लीटर से अधिक अवैध शराब की जब्ती के साथ चार हजार वाहन जब्त करने की कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 18 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। प्रदेश में शराब की खपत भी बढ़ी है। 2022 में अंग्रेजी शराब की खपत 18 और देसी शराब की 30 प्रतिशत बढ़ी है। इसका कारण अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाना रहा है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close