भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नर्स के पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर लोगों से लगभग 2 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले गिरोह से पूछताछ का सिलसिला जारी है। गिरोह के सरगना दिलशाद के पास मिली डायरी और मोबाइल फोन में दिल्ली के कुछ डॉक्टरों के नंबर मिले हैं। इनमें से दिल्ली के किसी डॉक्टर रोहित से दिलशाद लगातार संपर्क में रहता था। एसटीएफ की टीम दिल्ली जाने वाली है। एसपी (एसटीएफ, भोपाल) राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि गिरोह ने चंडीगढ़, दिल्ली और भोपाल एम्स में नर्स के पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर 54 लोगों से करीब 2 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है।

मामले में गिरफ्तार दिलशाद खान और उसका साथी आलोक बामने पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं। उनके ठिकानों की तलाशी के दौरान नर्सिंग की छात्राओं के कॉलेज के कुछ मूल दस्तावेज, एम्स दिल्ली का लेटर हेड के अलावा एक डायरी मिली है। डायरी और दिलशाद के मोबाइल फोन में कई डॉक्टरों के नंबर मिले हैं। इनमें दिल्ली के किसी डॉ. रोहित से दिलशाद लगातार संपर्क में बना रहता था।

हालांकि अभी तक की पूछताछ में दिलशाद ने बताया कि वह डॉ. रोहित से फोन पर ही संपर्क में रहता था। डॉ.रोहित का पता-ठिकाना बताने के नाम पर वह लगातार गुमराह कर रहा है। एसपी के मुताबिक गिरोह का दिल्ली कनेक्शन पता करने के लिए एक टीम दिल्ली भेजी जा रही है। उधर, एसटीएफ के दिलशाद के साकेत नगर और आलोक के अयोध्या बायपास रोड स्थित मकान की तलाशी लेकर कई दस्तावेज बरामद किए हैं।

साथ ही एक टीम दिलशाद की चौथी पत्नी डॉ. फरहा के जबलपुर स्थित नर्सिंग होम 'खिदमत" में छानबीन कर रही है। दरअसल, दिलशाद की डॉ.पत्नी विभिन्न् नर्सिंग कॉलेजों से संपर्क कर वहां पढ़ने वाली नर्सिंग छात्राओं की सूची हासिल कर लेती थी। इस सूची में छात्राओं के मोबाइल नंबर भी होते थे। संबंधित छात्राओं से फोन पर संपर्क कर दिलशाद और आलोक उन्हें एम्स में नर्स के पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर रुपए हड़प लेते थे। गौरतलब है कि बुधवार को एसटीएफ ने सरगना सहित गिरोह के दो आरोपितों को भोपाल में गिरफ्तार किया है।

Posted By: Sandeep Chourey