भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के वक्त अपने बयानों से विवाद खड़ा करने वाली सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के एक और बयान ने बखेड़ा खड़ा दिया है। सीहोर में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचीं सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि, हम शौचालय साफ करने के लिए सांसद नहीं बनाए गए हैं। हम जिस काम के लिए बनाए गए हैं, वो पूरी ईमानदारी से कर करेंगे। उनके इस बयान पर अब बवाल खड़ा हो गया है। एआईएमआईएम पार्टी के अध्यक्ष और सांसद असुद्दीन ओवैसी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि, "सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने जो कहा है, उससे ये साफ होता है कि समाज में जाति के हिसाब से कैसे काम बंटे हुए हैं, और आगे भी ये जारी रहेगा। ये वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने खुले तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का विरोध किया है।"

ओवैसी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि, "मुझे उनके बयान पर किसी तरह की हैरानी नहीं है। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वो ऐसा सोचती हैं। वो देश में चले आ रहे जाति और वर्ग के आधार पर भेदभाव को मानती हैं।"

इसके अलावा कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने भी साध्वी प्रज्ञा के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, वो गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कह चुकी हैं और अब गांधीजी से जुड़े स्वच्छता अभियान को लेकर ऐसी बात कही है। ऐसे में प्रधानमंत्री को इस बार उन पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

सांसद प्रज्ञा अब बोलीं : हम नाली या शौचालय साफ करने के लिए सांसद नहीं बनाए गए, देखें वीडियो

यह भी पढ़ें :HIV Positive की गलत रिपोर्ट से परिवार हुआ तबाह, जानिए पूरा मामला

यह भी पढ़ें : बड़े दिलवाले हैं ये हेडमास्टर, सैलरी से सरकारी स्कूल में बना डाला स्वीमिंग पूल

ये है पूरा मामला

बता दें कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर रविवार को सीहोर में कार्यकर्ताओं से मिलने गईं थीं। यहां कार्यकर्ताओं से चर्चा में प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि, हम नाली या शौचालय साफ करने के लिए सांसद नही बनाए गए हैं। हम जिस काम के लिए बनाए गए हैं वो काम हम ईमानदारी से करेंगे। उन्‍होंने कहा था कि, मैं दिल्ली में संसद में थी तब मेरे पास किसी कार्यकर्ता का मैसेज आया था। जिसमें उन्होंने पार्षदों और अध्यक्ष के बीच हो रहे विवाद के बारे में मुझे बताया। यह मेरा काम नहीं है। मेरा काम संसद में शतप्रतिशत मौजूद रह कर लोगों की आवाज उठाना है। साथ ही जो पैसा आप लोगों के लिए आता है उससे आपके हित में काम करना है।

इतना नहीं कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि, पार्षद उनका काम करेंगे और विधायक उनका। मुझे अपना काम अच्छे से करना है। इस तरह की शिकायत करना ठीक नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि जनहितैषी कामों के लिए मुझे याद किया जाए। मैं जनता के बीच रह कर उनके लिए हर संभव काम करूंगी। क्षेत्र में मेरी मौजूदगी हमेशा रहेगी।

ये कोई पहला मौका नहीं है, जब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने बयानों से विवाद खड़ा किया हो। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मुंबई हमले में शहीद हुए महाराष्ट्र के एटीएस चीफ हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया था। वहीं महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को भी उन्होंने देशभक्त बताया था। उनके इस बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी नाराजगी जताई थी।