भोपाल। नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। बड़ी-बड़ी कंपनियां आज-कल पैर पसार रही हैं। छोटे-छोटे काम धंधों में भी आ रही हैं। हम निवेश के विरोधी नहीं है पर बड़ी कंपनियों को छोटे व्यवसाय को लीलने नहीं देंगे। इसके लिए जो भी जरूरी व्यवस्थाएं करनी होंगी, वे की जाएंगी। कोरोना संक्रमण की वजह से प्रभावित गांव के छोटे व्यवसायियों को फिर से पैरों पर खड़ा करने के लिए सरकार अपनी गारंटी पर बिना ब्याज का ऋण दिलाएगी। आज तो 20 हजार हितग्राहियों को राशि दी जा रही है पर यह सिलसिला जारी रहेगा। सभी पंजीकृत आठ लाख से ज्यादा हितग्राहियों को बैंकों से ऋण दिलाया जाएगा।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित मुख्यमंत्री ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर्स योजना के हितग्राहियों को ऋण राशि और परिचय पत्र वितरण कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर, शहडोल और गुना के हितग्राहियों से संवाद किया।

निगम हो या फिर पुलिसकर्मी कोई नही तंगाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि फुटपाथ पर ठेला लगाकर या सिर पर सामान रखकर बेचने वालों की जिंदगी बहुत कठिन होती है। शहर में अगर यह बैठें तो स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के पक्षधर इन्हें हटवाने की बात तो करते हैं। नगर निगम हो या पुलिस कर्मचारी, इन पर ही दादागिरी निकालते हैं। मॉल की तरह मुहं भी नहीं करते। गांव हो या शहर, काम करने में बाधा बनने वालों को ठीक किया जाएगा। सम्मान से आजीविका का हक सबको है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना बनाई और बैंकों के सहयोग से ऋण उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव से कहा कि एक ऐसा प्रशिक्षण केंद्र खोला जाए, जो यह सुझाव दे कि कौन सा व्यवसाय किया जाए। अभी दायरा सीमित होता है। सभी साढ़े आठ लाख पंजीकृत हितग्राहियों को ऋण दिलाया जाएगा। पथ विक्रेताओं को जनपद पंचायतें कार्ड बनाकर देंगी। हॉकर्स जोन भी व्यावहरिक बनाए जाएंगे। पंचायतों में दुकानें लगाने स्थान विकसित किए जाएंगे। पथ को साफ-सुथरा रखने के लिए को-ऑपरेटिव स्ट्रीट मैंनेजमेंट कार्यक्रम भी बना रहे हैं ताकि उन्हें सामान बेचने का अधिकार मिले और स्वच्छता की चिंता भी हो।

नीयत और नेता ठीक हो तो भगवान भी मदद करते हैं

मुख्यमंत्री ने पथ विक्रेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार 16 सितंबर से लगातार जन कल्याण की गंगा बहा रही है। कई लोग पूछते हैं कि पैसा कहां से आ रहा है। हमारा मानना है कि जब नीयत और नेता ठीक होता है तो भगवान भी कृपा की वर्षा करते हैं। एक के बाद एक रास्ता निकलता जा रहा है। मुख्यमंत्री इसलिए नहीं होता कि सत्ता के स्वर्ण सिंहासान पर बैठकर सत्ता का उपभोग करे। सरकार का काम है लोगों के जिंदगी बदले और उसे आसान बनाए।

50 हजार रुपये तक कर्ज दिलाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तो दस हजार रुपये का ऋण दिलाया है। समय से चुकाने पर अगले साल बीस हजार रुपये दिलाएंगे। धीरे-धीरे करके पचास हजार रुपये तक ऋण दिलाया जाएगा।

ऋण देने के लिए किसी ने पैसा तो नहीं मांगा

मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से पूछा कि ऋण मिलने में कोई परेशानी तो नहीं आई। किसी ने पैसा तो नहीं मांगा। गुना बमोरी के भागीरथ ने बताया कि किसी ने पैसा नहीं मांगा। आसानी से ऋण मिल गया।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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