- पहले आवंटित हो चुकी है चांदपुर में 30 एकड़, टिंबर गोदामों ने मांगी अतिरिक्त जगह

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

शहर के रिहायशी क्षेत्र में चल रही करीब 130 आरा मशीनों व टिंबर मार्केट को शिफ्ट करने के लिए 30 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। सारी कवायद शुरू ही हुई थी कि टिंबर मार्केट व्यापारी संघ ने अतिरिक्त जमीन की मांग कर दी। इसके चलते अब उन्हें 10 एकड़ अतिरिक्त जमीन देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही 10 एकड़ जमीन आवंटित कर यहां शिफ्टिंग का काम शुरू किया जा सकता है।

एसडीएम हुजूर राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि चांदपुर में आरामशीनों की जल्द से जल्द शिफ्टिंग हो, इसके लिए 30 एकड़ में से करीब 3 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे वाले मकानों व झुग्गियों को हटवाने की कार्रवाई तेज कर दी है। अभी तक 25 मकान जो खाली पड़े थे, उन्हें तोड़ दिया गया है, जबकि 18 से अधिक मकानों व झुग्गियों को शिफ्ट करने की कार्रवाई चल रही है। आगामी दिनों में वह भी शिफ्ट होंगी। बता दें कि 18 से अधिक रहवासियों के मकानों को शिफ्ट करने की बात सामने आई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। कलेक्टर तरुण पिथोड़े को ज्ञापन सौंपकर शिफ्टिंग रूकवाने या नए मकान बनाने के लिए राशि उपलब्ध कराने की बात कही। हालांकि एसडीएम राजेश श्रीवास्तव की समझाईश के बाद मामला सुलझ गया है।

27 जनवरी को मंत्री ने दिए थे अतिरिक्त जमीन देने के निर्देश

दरअसल, 27 जनवरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री (एमएसएमई) आरिफ अकील के निर्देश के बाद डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई संजय पाठक ने 30 एकड़ जमीन पर कब्जा लेकर काम शुरू कर दिया है। इधर, आरा मशीनों की संख्या बढ़ने के चलते शिफ्टिंग के लिए जमीन कम पड़ रही है। इसको देखते हुए मंत्री आरिफ अकील ने 10 एकड़ जमीन और देने की बात कही थी। जिला प्रशासन ने 30 एकड़ से लगी 10 एकड़ अतिरिक्त जमीन देने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जा रहा है। इस 10 एकड़ जमीन पर अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी।

राज्य सरकार से मिला पैसा, केंद्र सरकार में विचाराधीन है 40 करोड़ रुपए की फाइल

बता दें कि आरा मिल्स के क्लस्टर के लिये ग्राम चांदपुर में 30 एकड़ भूमि पर भारत सरकार की एमएसएमई सीडीपी योजनांतर्गत औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिये लघु उद्योग निगम को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त कर परियोजना तैयार कर भारत सरकार को भेजी गई है। प्रस्ताव भारत सरकार स्तर पर अनुमोदन के लिये विचाराधीन है। हालांकि राज्य सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र के रुपए एमएसएमई विभाग को दे दिए हैं।

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शिफ्टिंग की जरूरत क्यों?

ज्यादातर आरा मशीनें व लकड़ी के पीठे रिहायशी इलाकों के बीच हैं। इससे शोर-शराबा, ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण की समस्या बनी रहती है। इन क्षेत्रों से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इनकी शिफ्टिंग होने से इन समस्याओं से राहत मिल जाएगी। भारत टॉकीज क्षेत्र से आरा मशीनों की शिफ्टिंग होने से सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण जैसे काम हो सकेंगे। इससे यहां दिन में कई बार लगने वाले जाम की समस्या भी दूर हो जाएगी। पिछले पांच सालों में यहां तीन-चार बड़ी आगजनी की घटनाएं भी यहां हो चुकी हैं।

कब से शुरू हुआः 10 साल पहले प्रस्ताव बनाया गया

वर्तमान स्थिति क्या हैः शहर में 130 आरा मशीनें है। जिन्हें चंदापुर में तीन साल पहले जमीन आरक्षित हुई है, लेकिन आवंटन ना होने के कारण मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। बीडीए को शिफ्टिंग की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन अब तक जमीन को आवंटन को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

शिफ्ट न होने से नुकसानः यहां हमेशा आग लगने की शिकायत रहती है। शहर में लागार ध्वनी और वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। आरा मशीन एक ही लाइन में है और पेट्रोल पंप भी पास में है। सघन आबादी वाला क्षेत्र है। लिहाजा आग लगने की स्थिति में जान माल का काफी नुकसान होता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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