- भारत भवन में दिनमान समारोह की दूसरी सभा, महिला गायिकाओं के सुरों से गूंजा अंतरंग सभागार

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

भारत भवन में चल रहे 'दिनमान'समारोह में शुक्रवार शाम की सभा में दो स्त्री कंठों को सुनने का सुंदर संयोग बना। एक तरफ शास्त्र सम्मत समझ व गहराई गायन में झलका। वहीं दूसरी तरफ गायन में लालित्य के साथ भावों की अध्यात्मिक गहराई श्रोताओं ने महसूस की। कार्यक्रम में आस्था मांदले और रुचिरा केदार को शास्त्रीय गायन हुआ। अंतरंग सभागार में महिला कंठ से गूंजे सुरों ने श्रोताओं को संगीत की सुखद यात्रा कराई। कार्यक्रम का संचालन कला समीक्षक विनय उपाध्याय ने किया।

छोड़ो-छोड़ो बिहारी नारी देखे सगरी...

समारोह में पहली सभा आस्था मांदले का शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के लिए राग पूरिया धनाश्री का चयन किया। इसमें संक्षिप्त आलाप लेते हुए उन्होंने बड़ा खयाल की बंदिश 'बल बल जाउं तोरे गांव के लोगवा बुरे...' सुनाई। इसके बाद छोटे खयाल में उन्होंने 'सैंया मोरा परदेश गइवा...' की प्रस्तुति दी। यह प्रस्तुति दु्रत लय त्रीताल में निबद्ध रही। अंतिम प्रस्तुति के रूप में उन्होंने पहाड़ी ठुमरी 'छोड़ो-छोड़ो बिहारी नारी देखे सगरी...' सुनाई। उनके साथ तबले पर हारमोनियम पर डॉ. विवेक बंसोड और तबले पर रामेंद्र सिंह सोलंकी ने लहरा दिया। आस्था खयाल गायकी के क्षेत्र में नई संभावनाओ के साथ आने वाले प्रतिभावान कलाकारों के रूप में दिखाई देती है। आईसीसीआर की फैलोशिप में खयाल गायन का अध्ययन कर रही है। वे हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की परंपरा के बहुत पास दिखती हैं। आवाज में माधुर्य के साथ रंजकता भी है।

जयपुर और ग्वालियर घराने की झलक

अगली प्रस्तुति शास्त्रीय गायिका रुचिरा केदार की रही। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के लिए राग नंद का चयन किया। इसमें उन्होंने विलंबित खयाल दु्रत तीन ताल में 'हे बा रे सैंया...' पेश किया। इस क्रम में उन्होंने दु्रत खयाल में 'धन धन भाग...' की प्रस्तुति दी। प्रस्तुतियों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मिश्र पीलू में दादार सुनाया। मीरा भजन 'चलो मन गंगा जमूना तीर...' उनके साथ तबले पर रामेंद्र सिंह सोलंकी और हारमोनियम पर विवेक बंसोड रहे। रुचिरा के गायन में गुरु परंपरा व गायकी ग्वालियर और जयपुर घराने के संयोग से बनी है। उनकी गायकी में ग्वालियर घराने का ओज है तो वहीं जयपुर घराने की मिठास व सौंदर्य है। अध्यात्मिक गहराई की झलक भी गायकी में साफ है। वे बहुत कम समय में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहीं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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