Bhopal Arts and Culture: भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर) । मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की विभिन्ना अकादमियों द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बहुविध कलानुशासनों की गतिविधियों पर एकाग्र श्रृंखला गमक का ऑनलाइन प्रसारण इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर किया जा रहा है। श्रृंखला के अंतर्गत बुधवार शाम को उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी की ओर से इंदौर के बसंत शर्मा और साथियों द्वारा सरोद वादन एवं जयपुर की देविका देंवेंद्र एस मंगलामुखी और साथियों द्वारा कथक की प्रस्तुति दी गई। जिसका प्रसारण विभाग के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर लाइव किया गया।

प्रस्तुति की शुरुआत बसंत शर्मा और साथियों द्वारा सरोद वादन से की गई। उन्होंने राग यमन में अलाप के बाद तीन बंदिशें प्रस्तुत की। पहली बंदिश धमार ताल में निबद्ध, दूसरी मध्यलय तीन ताल एवं द्रुत तीन ताल, झाले की प्रस्तुति दी। इनके साथ मंच पर पखावज पर विठ्ठ्ल राजपुरा, तबले पर यशपाल बावरे ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति देविका देंवेंद्र, एस मंगलामुखी और साथियों द्वारा कथक की दी गई। कलाकारों ने शुरुआत रस्क-ए-मुगलिया से की। इसके बाद अमीर खुसरो की यारे मन बिया बिया..., एवं तीन ताल, थाट, उठान, आमद, परण की प्रस्तुति दी। अगले क्रम में उपज गजल मेरे दिल को दाग लगा गये..., और तराना में झपताल से प्रस्तुति को विराम दिया। कला रसिकों ने दोनों प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। उल्लेखनीय है कि कथक उत्तर भारत का प्रसिद्ध नृत्य है, जिसमें मुगल संस्कृति का समावेश भी देखा जाता है। देश के अलग-अगल भागों में थोड़ा परिवर्तन के साथ यह भारतीय नृत्य आज भी काफी लोकप्रिय है।

Posted By: Lalit Katariya

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