Bhopal Arts and Culture:भोपाल ( नवदुनिया रिपोर्टर)। हमेशा से ही मनुष्य का प्रकृति के साथ बहुत गहरा संबंध रहा है। समय-समय पर चित्रकारों ने भी इस पर कई सारे चित्र बनाए हैं। इसमें प्रकृति, जीव-जंतु और मनुष्य के संबंध के बारे में बताया गया है। कुछ ऐसा ही नजारा जनजातीय संग्रहालय में आयोजित शलाका-18 प्रदर्शनी में देखने को मिल रहा है, जहां गोंंड चित्रकार कौशल प्रसाद तेकाम ने प्रकृति, जीव-जंतु और मनुष्य की कहानी बयां करते हुए 26 चित्रों को प्रदर्शित किया है। कौशल प्रसाद तेकाम ने कैनवास पर वृक्ष कटाई, लकड़हारा की कथा, बड़ा देव पूजन, मछली, बांस पर पक्षी, बारसिंगा का जोड़ा और पर्यावरण को उकेरा है। प्रदर्शनी का 31 अक्टूबर तक देखा जा सकता है।

बचपन में मां से सीखी चित्रकारी: गोंड पेंटिंग आर्टिस्ट कौशल प्रसाद तेकाम का कहना है कि उन्होंने बचपन में ही पेंटिंग करना सीख लिया था। वह त्यौहारों के मौके पर घर की लिपाई-पुताई में मां और बहनों का सहयोग करते थे। वहीं से उनके चित्रकार बनने की कहानी शुरू हुई थी। इसके बाद लगातार प्रयास करने से उनकी पेंटिंग अच्छी होती गई। एक बार गोंड चित्रकार आनंद सिंह श्याम ने गांव में युवाओं को चित्रकारी का प्रशिक्षण देने के लिए वर्कशॉप आयोजित की थी, जिसमें उन्होंने भी भाग लिया था। इसमें दीवारों और कागज पर चित्र बनाना सीखा।

वृक्ष पर आधारित है प्रकृति और मनुष्य

चित्रकार कौशल प्रसाद तेकाम के प्रत्येक चित्र प्रकृति, जीव-जंतु और मनुष्य पर आधारित होते हैं। एग्जीबिशन में लगे एक चित्र में वृक्ष कटाई को दर्शाया गया है। पेंटिंग में बताया गया है कि वृक्ष पर चिडिय़ों ने अपना घर बनाया हुआ है तो वहीं उनके साथ मनुष्य भी पेड़ से फल तोड़ रहे हैं। दूसरी ओर एक महिला वृक्ष पर धागा बांध रही है तो वहीं एक लकड़हारा पेड़ को काट रहा है। इसके साथ ही वृक्ष की छांव में जानवर भी बैठे हुए हैं। इस पेंटिंग में दर्शाया गया है कि एक वृक्ष प्रकृति, मनुष्य और जीव-जंतु के लिए सहारा होता है, जहां उससे हमें फल मिलते हैं तो वहीं जानवरों को छांव भी देता है। इसके बाद भी हम अपनी सहूलियत के लिए वृक्ष को काट देते हैं।

Posted By: Lalit Katariya

NaiDunia Local
NaiDunia Local