Bhopal Cooperative Milk Union: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के सहायक महाप्रबंधक (यांत्रिकी) एवं समन्वयक केएस मिश्रा को स्थगन मिल गया है। मिश्रा को यह स्थगन भोपाल संभागायुक्त गुलशन बामरा ने मंगलवार दिया है। यह वही सहायक महाप्रबंधक है, जिन्हें पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने भोपाल दुग्ध संघ का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) बनाने की अनुशंसा की थी। इसके लिए मंत्री ने मुख्यमंत्री को बीते एक नवंबर 2021 को पत्र लिखा था। हालांकि मंत्री के पत्र के बाद केएस मिश्रा को सीईओ तो नहीं बनाया गया लेकिन भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ आरपीएस तिवारी ने 12 मई 2022 को उनका तबादला रायसेन के सिलवानी शीत केंद्र में कर दिया था। जिस पर उन्होंने दुग्ध संघ के प्राधिकृत अधिकारी एवं भोपाल संभागायुक्त गुलशन बामरा को अपील की थी, जिसकी सुनवाई करने के बाद उन्हें स्थगन दिया गया है।

बता दें कि प्रदेश में छह सहकारी दुग्ध संघ हैं। इन्हीं में से एक भोपाल सहकारी दुग्ध संघ भी है। इन पर एमपी स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) नियंत्रण रखता है और इनके लिए कैडर श्रेणी के अधिकारियों की नियुक्ति भी करता है। सहायक महाप्रंधक केएस मिश्रा भी कैडर अधिकारी हैं और उनका नियोक्ता एमपीसीडीएफ है। इनका तबादला व पर कार्रवाई के अधिकार एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक को हैं लेकिन केएस मिश्रा का तबादला इससे अलग जाकर भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के सीईओ आरपीएस तिवारी ने कर दिया था। जिसे मिश्रा ने प्राधिकृत अधिकारी के सामने चुनौती दी थी। जिस पर स्थगन मिला है।

दुग्ध संघ में इस तरह चल रही खींचतान

- केके सक्सेना को सीईओ से हटाकर जबलपुर के रीवा शीत केंद्र भेजा, उन्होंने दो महीने तक काम नहीं संभाला। आखिरकार भोपाल वापस आ गए।

- मंत्री ने आरपीएस तिवारी को सीईओ से हटाकर जांच करने की अनुशंसा की तो उन्हें तत्कालीन एमडी ने ग्वालियर का सीईओ बना दिया, उन्होंने भी ज्वाइन नहीं किया और वह भोपाल में ही काम करते रहे। बाद में पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने उनका तबादला निरस्त कर दिया।

- पंकज पांडेय की अवैध भर्ती मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान तत्कालीन एमडी संजय गुप्ता ने आरपीएस तिवारी को निलंबित किया तो फिर से पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने उनका निलंबन निरस्त कर दिया।

कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद हटाए गए आरपीएस तिवारी का निलंबन निरस्त करने के बाद मैंने उन्हें सीईओ के पद से हटाने व उनके खिलाफ जांच करने के लिए दोबारा नोटशीट लिखकर पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेजी है। अब तक कार्रवाई नहीं की है। मैं इसकी समीक्षा करुंगा।

- प्रेम सिंह पटेल, मंत्री, पशुपालन विभाग मप्र

Posted By: Lalit Katariya

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