Bhopal Crime News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री निवास एवं चीफ सेक्रेटरी कार्यालय के लैंडलाइन टेलीफोन नंबरों का इस्तेमाल कर एलबीएस अस्पताल के संचालक को डरा-धमका कर एक करोड़ 10 लाख रुपये की अड़ीबाजी की कोशिश की गई है। पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर से शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच एवं साइबर क्राइम की टीमें अज्ञात ठगों की खोज में जुटी थीं। पुलिस उपायुक्त अमित कुमार सिंह एवं अतिरिक्त् उपायुक्त् शैलेंद्र सिंह चौहान के निर्देशन में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। तकनीकी सर्विलेंस के आधार पर इस मामले में सीहोर में रहने वाले एलम सिंह परमार एवं देवनारायण रघुवंशी को सोमवार देर रात गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में जानकारी मिली है कि अमेरिका, चीन सहित अन्य विदेशी सर्वर का इस्तेमाल कर स्पूफिंग काल के जरिए सीएम हाउस एवं चीफ सेक्रेटरी कार्यालय के लैंडलाइन नंबर का इस्तेमाल किया गया था। आरोपितों ने पूछताछ में कबूल किया कि आरोपितों के निशाने पर प्रदेश के और भी नामी अस्‍पताल और बड़े कारोबारी थे। वे राजभवन का नंबर भी तलाश रहे थे, उससे पहले ही आरोपितों को पुलिस ने धरदबोचा।

जानकारी के मुताबिक एलबीएस अस्पताल के संचालक को तरह-तरह की धमकी एवं अनियमितताओं का हवाला देकर एक करोड़ और और बाद में 10 लाख की राशि मांगी जा रही थी। आरोपितों ने साइबर धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से लैंडलाइन नंबर का इस्तेमाल करने की बाकायदा ट्रेनिंग भी प्राप्त की थी। इसके लिए उन्होंने भोपाल नाका सीहोर में किराए का कमरा लेकर कुछ लोगों से प्रशिक्षण प्राप्त किया था। क्राइम ब्रांच इस मामले में आरोपितों से और पूछताछ कर रही है।

साइबर क्राइम भी चौंक गई

आरोपितों ने जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया, ,उससे क्राइम ब्रांच भी चौंक गई। आरोपितों ने स्पूफिंग कॉल के माध्यम से सीएम हाउस और मुख्य सचिव के कार्यालय के लैंडलाइन नंबर उपयोग किया था। इसके लिए पिछले एक माह से वह इसका अभ्यास कर रहे थे। इसके लिए आरोपितों ने एक कमरा किराये पर लेकर वारदात की थी।

आरोपितों की कुंडली

मुख्‍य आरोपित एलम सिंह परमार 38 वर्षीय निवासी भोपाल नाका मुरली सीहोर का रहने वाला है। वह अंग्रेजी से एमए कर चुका है। उसने 12 लाख में 2012 में निजी केब्रिज कान्वेंट स्कूल खरीद लिया था। आरोपित मूलत: किसान है। अत्यधिक चाह के कारण शेयर बाजार में अधिक रुचि लेकर रुपये लगाए। अपने साथी देवनारायण रधुवंशी, जो खुद भी शेयर ट्रेडिंग का काम करता है, के साथ कई लाख रुपये गंवा दिये। इसके लिए कई लोगों से ऊंचे ब्याज पर कठिन शर्तों पर पैसा उधार लिया गया। फिर दोनो के द्वारा धोखेबाजी की योजना बनाकर पैसे कमाने का प्लान बनाया गया। इसके लिये कई लोगों शिकार बनाने के प्रयास किये। इसमें सीहोर का स्थानीय प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी व भोपाल का प्रसिद्ध अस्पताल संचालक शामिल है।

- देवनारायण रघुवंशी 31 साल निवासी प्रभात कृषि यंत्र के सामने सीहोर का है। वह बायोटेक से बीएससी कर चुका है। आरोपित मूलतः कृषक है। ट्रेडिंग हार्डवेयर की दुकान खोली, पर पैसे कमाने की अत्यधिक चाह के कारण शेयर बाजार में अधिक रूचि लेकर पैसा लगाया।

Posted By: Ravindra Soni

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