Bhopal Crime News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। गंभीर रूप से झुलसने के बाद एक महिला को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को घटना की सूचना तब दी, जब महिला की मौत हो गई। लेटलतीफी के कारण महिला के मृत्‍युपूर्व बयान भी दर्ज नहीं किए जा सके। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस मामले में जानकारी मिलने के बाद महिला के स्वजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। उनमें उन्होंने किसी पर आरोप नहीं लगाया है। मामला शहर के ऐशबाग थाना इलाके का है।

ऐशबाग थाना के एएसआइ योगेंद्रसिंह ने बताया कि रानी पत्नी महेंद्र सिंह चौहान (28) पुष्पा नगर में रहती थी। महेंद्र सिंह पहले गैस एजेंसी में काम करता था। वर्तमान में वह निजी काम कर रहा था। मूलत: रायसेन की रहने वाली पुष्पा की शादी अप्रैल-2016 में महेंद्र के साथ हुई थी। उनका एक दो साल का बच्चा भी है। 11 सितंबर को दोपहर डेढ़ बजे रानी अपने घर में गंभीर रूप से आग से झुलस गई थी। पति ने उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया था। हमीदिया अस्पताल से 15-16 सितंबर की दरमियानी रात 1:10 बजे डॉ. पवनसिंह ने रानी की मौत होने की सूचना दी। सुबह 8:50 बजे पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। एएसआइ सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद रानी के पिता और भाई भी अस्पताल पहुंच गए थे। रानी की मौत की जानकारी मिलने के बाद उनके बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने किसी पर किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है। घटना की सूचना समय पर नहीं मिल पाने के कारण रानी के मरणासन्न अवस्‍था में भी बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।

Posted By: Ravindra Soni

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