भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में पुलिस कमिश्‍नर प्रणाली लागू होने के बाद कानून-व्‍यवस्‍था में व्‍यापक सुधार और अपराधों पर लगाम लगने के बढ़-चढ़कर दावे किए गए थे, लेकिन हकीकत में स्‍थिति उलट है। आलम यह है कि यहां की पुलिस बच्चों की गुमशुदगी के मामलों को भी रोक पाने में नाकाम है। हाल ही में गांधी नगर के जेल कालोनी से जेल प्रहरी की 12 साल की बेटी अचानक से लापता हो गई। काफी तलाश करने के बाद बच्ची नहीं मिली तो उसकी शिकायत पिता ने गांधीनगर थाने में की। इस पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज

कर लिया। बच्ची को लापता हुए 48 घंटे का ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक उसके बारे में कोई सुराग नहीं तलाश पाई है।

पुलिस के मुताबिक आरजीपीवी कालेज के सामने जेल कालोनी गांधीनगर में रहने वाले बृजेश कुमार ओझा केंद्रीय जेल में प्रहरी है। वह अपनी पत्नी और बच्ची के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी तीन दिन पहले गोहद भिंड चली गई थी। 23 जून को सुबह साढ़े पांच बजे वह अपनी ड्यूटी पर जेल चले गए थे। दोपहर में करीब एक बजे जब घर वापस लौटे तो दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। बच्ची को आसपास देखा तो वह नहीं मिली। बाद में उन्‍होंने इस

पूरे मामले की शिकायत गांधीनगर पुलिस में की। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी है। गांधीनगर टीआइ का कहना है कि बच्ची की तलाश जारी है,उसे इंटरनेट मीडिया पर रील बनाने का शौक है। उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वह लोगों से वीडियो शूट करने को लेकर बातचीत करती रहती थी। उसके बारे में पुलिस पूरे जानकारी जुटा रही है।

विभिन्‍न जिलों को भेजा संदेश - पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए प्रदेश के चंबल-ग्वालियर संभाग समेत अन्‍य जिलों में संदेश भिजवाया है। जहां से नंबर जारी कर जरूरी सूचना देने की अपील की है।

Posted By: Ravindra Soni

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