Bhopal Crime News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। उच्च शिक्षा मंत्री के निज सहायक के नाम से प्रदेश के महाविद्यालय के प्राध्यापक और प्राचार्य को तबादला कराने के नाम पर फोन कर रुपये मांगने वाले आरेापित को साइबर क्राइम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पूर्व में भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जेल से छूटने के बाद वह फिर फोन कर उच्च शिक्षा विभाग के प्राचार्यों को निशाना बना रहा था। पूछताछ में सामने आया है कि उसने पांच प्राचार्य से करीब दो लाख रुपये महिला के खाते में जमा कराए थे। महिला से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपित ने कबूल किया है कि उसने उच्च शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचकर उनके स्टाफ से प्राचार्य के नंबर हासिल किए थे।

गौरतलब है कि विजय बुधवानी उच्च शिक्षा मंत्री के निज सहायक हैं। उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की कि उनके नाम से कोई अज्ञात शख्‍स उच्च शिक्षा विभाग में तबादला कराने को लेकर प्राध्यापक व प्राचार्य को फोन कर रहा है। वह फोन पर बोलता है कि उनका सूची में नाम है। अगर तबादला निरस्त कराना चाहते हैं तो ऑनलाइन रुपये जमा करा दें। इस तरह करीब दो दर्जन लोगों को फोन किए गए। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस तुरंत हरकत में आई और तकनीकी जांच के बाद पुलिस आरोपित शैलेंद्र पटेल के चूनाभट्टी स्थित घर पर पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया।

फर्नीचर कारोबारी बताकर कर्मचारियों से लिए नंबर

जालसाज शैलेंद्र पटेल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि तबादला कराने या निरस्‍तीकरण के नाम पर शासकीय कर्मचारी आसानी से पैसा दे देते हैं इसलिए जेल छूटने के बाद फिर से यह काम शुरू कर दिया था। वह कुछ दिन पहले उच्चशिक्षा मंत्री के बंगले पर पहुंचा था और बंगले पर काम करने वाले कर्मचारियों से बात की। उसने कहा कि उसका फर्नीचर का काम है। अगर कुछ महाविद्यालय के प्राचार्यों के नंबर दे दें तो उसका काम शुरू हो जाएगा। उसे वहां से कुछ नंबर मिल गए थे। इसके बाद उसने बालाघाट के परसवाड़ा के शासकीय कॉलेज के प्राचार्य और जबलपुर के शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य कॉलेज के प्राचार्य आभा पांडे समेत करीब पांच लोगों को फोन किया और कहा कि उनका तबादला दूसरे स्थान पर हो रहा है। अगर तबादला निरस्त या दूसरे स्थान पर कराना चाहते हैं तो रुपये इस खाते में डाल दें। उसने आभा पांडे समेत पांचों से मिलकर करीब दो लाख रुपये कल्पना नाम की महिला के खाते में जमा कराए।

नगर निगम सीएमओ को किए तबादले के फोन

आरोपित शैलेंद्र पटेल इतना शातिर है कि उसने नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह के बंगले से नंबर लेकर कुछ मुख्य नगर पालिका अधिकारी को फोन कर उनसे भी तबादला कराने के नाम पर पैसा मांगा था। पुलिस पूछताछ में उसने यह बात कबूल की है।

कौन है शैलेंद्र पटेल

आरोपित शैलेंद्र पटेल मूलत: जबलपुर का रहने वाला है। काफी साल पहले वह अपने परिवार के साथ चूनाभट्टी में रहने लगा था। वह पहले ठेकेदारी करता था। उसके मां और पिता दोनों शिक्षा विभाग में प्राचार्य से सेवानिवृत्त हुए हैं। उस पर इस प्रकार की जालसाजी के तीन मामले सामने आ चुके हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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