भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी के कोलार इलाके में कार को मंत्रालय में अधिकारियों के पास मासिक किराये पर अनुबंधित कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपित ने कार लेकर उसे अनुबंधित नहीं किया और उसके फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे साढ़े तीन लाख रुपये में गिरवी रख दिया। कार मालिक जब भी कार को देखने के लिए बुलाता था तो आरोपित हमेशा कोई न कोई बहाना बनाकर टालमटोल कर देता था। शिकायत मिलने पर फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

कोलार थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल के मुताबिक विद्यानगर होशंगाबाद रोड पर रहने वाले अंशुल गुप्ता कारोबारी हैं। उन्होंने पुराने परिचित फाइन एवेन्यू, फेस वन, नयापुरा, कोलार रोड निवासी रंजीत बाथम को अपनी कार किराये पर चलाने के लिए अक्टूबर 2021 में दी थी। तय हुआ था कि वह 17 हजार पांच सौ रुपये किराया देंगे। इसका बाकायदा अनुबंध किया गया था। आरोपित ने उनको झांसा दिया था कि वह उनकी कार को मंत्रालय में अधिकारियों के यहां अनुबंध कर उसे किराये पर लगा देगा, लेकिन कार लेने के बाद उसने कभी भी कार का मासिक किराया नहीं दिया। वह जब भी कार की हालत या उसे देखने का बोलते थे, तो वह टालमटोल कर देता था। अंशुल गुप्ता ने पुलिस को शिकायत में बताया कि वह जब भी उससे पुलिस में शिकायत करने की कहते तो वह उनको धमकाता और डराता था कि वह अपनी जान दे देगा और उनको इसमें फंसा देगा।

बाद में उनको पता चला कि उनकी कार को उसने गिरवी रख दिया है। इस पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद आरोपित रंजीत बाथम के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

Posted By: Ravindra Soni

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