भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। अशोका गार्डन थाना इलाके में शुक्रवार रात को बीसीए की छात्रा ने दोस्तों के साथ मिलकर महिला आरक्षक के साथ मारपीट कर दी। छात्रा स्कूटी पर दो दोस्तों को बैठाकर जा रही थी। इससे चेकिंग पाइंट पर आरक्षक ने उन्हें रोका और चालान बनवाने के लिए कहा। इससे छात्रा ने कहा कि मेरे बड़े पापा डीआइजी हैं, मैं चालान नहीं बनवाऊंगी। विवाद बढ़ता चला गया। पुलिस का कहना है कि छात्रा व उसके दोस्तों ने गाली देना शुरू कर दिया। महिला आरक्षक ने विरोध किया तो छात्रा ने उसके पेट में लात मार दी। पुलिस ने आरोपित छात्रा व उसके दोस्तों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने व गाली-गलौज सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक महिला आरक्षक दीपिका कुशवाह यातायात थाने में पदस्थ हैं। उनकी ड्यूटी उपनिरीक्षक अनवर अली और एक अन्य आरक्षक के साथ प्रभात चौराहा पर दोपहर 12 से रात आठ बजे तक लगी थी। जहां वह स्टाफ सहित चेकिंग कर रही थी। शाम साढ़े सात बजे एक युवती स्कूटी पर दो युवकों को बैठाकर आ रही थी। जिस कारण आरक्षक ने स्कूटी को रोक लिया और तीन सवारी होने पर चालान बनवाने के लिए कहा। इससे युवती और उसके दोस्त आरक्षक से बदतमीजी करने लगे। युवती ने धमकाते हुए कहा कि मेरे बड़े पापा डीआइजी हैं। चालान बनवाने से इंकार करने पर आरक्षक ने उनकी स्कूटी उपनिरीक्षक अनवर अली को दे दी। इस पर युवती ने उपनिरीक्षक की बात अपने पिता से करवाई। उन्होंने कहा कि आपकी बेटी ने महिला आरक्षक से बदतमीजी की है, वह माफी मांग लें। बात करने के बाद उन्होंने युवती और उसके दोस्तों को आरक्षक के पास भेज दिया। जहां युवती और दोस्तों ने आरक्षक से गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जब आरक्षक ने उसे गाली देने से रोका तो युवती ने उसके पेट में तीन-चार लात मार दी। इससे आरक्षक जमीन पर गिर गईं। यह देख अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे और बचाव किया। साथ ही पुलिस ने युवती और उसके साथी दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने थाने लाकर पूछताछ की तो उन्होंने अपनी पहचान शुभांगी वर्मा, अंकित मिश्रा और प्रथम कुमार के रूप में बताई।

पिता बोले- भेज दो जेल, परेशान हो गया हूं

यातायात के उपनिरीक्षक अनवर अली ने बताया कि युवती ने जब उसके पिता से बातचीत करवाई तो उन्होंने कहा कि मैं बेटी से परेशान हूं। आप तो जेल भेज दो। इस पर मैंने कहा कि जेल भेजना हमारा काम नहीं है। उसने गलती की है, उसे माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने फोन रख दिया। वह डीआइजी होने की झूठी धमकी दे रही थी। ऐसा कुछ भी नहीं है। वह कहीं से पार्टी करके आ रहे थे। युवती बीसीए की छात्रा है, जो कि एलएनसीटी कालेज में पढ़ाई करती है। पुलिस जब छात्रा और उसके साथी को थाने लेकर आए तो यहां शुभांगी रोने लगी और माफी मांगने लगी। उसने कहा कि उससे गलती हो गई, छोड़ दो आगे से ऐसा नहीं करूंगी।

महिला आरक्षक से मारपीट करने के मामले में आरोपित शुभांगी वर्मा, अंकित मिश्रा और प्रथम कुमार को गिरफ्तार किया था। वह बड़े पापा डीआइजी हैं, ऐसी झूठी धौंस दिखा रही थी। पुलिस पर हाथ उठाने पर एफआइआर दर्ज की है।

- आलोक श्रीवास्तव, थाना प्रभारी, अशोका गार्डन

Posted By: Ravindra Soni

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