Bhopal Crime News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में स्‍थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्स) में एक बार फिर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस बा एम्स में टेक्नीशियन और अटेंडर के पद पर भर्ती के नाम पर बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी की गई है। धोखाधड़ी करने का आरोप में नर्सिंग विभाग की आउटसोर्स महिला कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया गया है। जांच में सामने आया है कि पांच लोगों से करीब 5.81 लाख रुपए वसूल लिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि ठगी के शिकार लोगों को एम्‍स के डायरेक्टर समेत अन्य अकादमिक स्टाफ की सील और हस्ताक्षर युक्‍त नियुक्ति पत्र दे दिए थे।

जांच अधिकारी का कहना है कि आरोपित महिला पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। एसआइ विनय कुमार सिंह ने बताया कि बागमुगालिया एक्सटेंशन निवासी गीता चौहान की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई है। शिकायत में उन्‍होंने बताया कि कुछ समय पहले उनकी मुलाकात विजय लक्ष्मी वंशकार से हुई थी। विजयलक्ष्मी एम्स में आउटसोर्स कर्मचारी का काम कर चुकी थी। नवंबर 2020 में प्रबंधन ने उसे कुछ शिकायतों के बाद नौकरी से हटा दिया था। गीता के साथ-साथ वर्षा सोहित, दुर्गा उइके, रोहित कुमार और विनीत पांडे भी बीती 18 अक्टूबर को टेक्नीशियन और अटेंडर के पदों पर ज्वाइन करने एम्स पहुंचे थे। सभी के हाथों में नियुक्ति पत्र थे। सभी एम्स भोपाल डायरेक्टर, एकेडमिक डीन, पूर्व डिप्टी डायरेक्टर और भर्ती सेल प्रभारी के हस्ताक्षर के साथ सील लगी थीं। आरोपित महिला ने गीता से 1.21 लाख और अन्य चारों से 1.15-1.15 लाख रुपए लिए गए थे। जून 2021 में ये रकम विजयलक्ष्मी ने अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई थी।

Posted By: Ravindra Soni

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