दक्षा वैदकर, भोपाल। मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल का बिजली कटौती की शिकायत करते हुए वीडियो क्या वायरल हुआ, अन्य नेता भी इस मामले को अपना काम करवाने का नया फंडा मानकर इसे अपनाने की सोचने लगे हैं। दबी जुबां में कुछ मान्यवर कह भी रहे हैं कि वीडियो के वायरल होने से मंत्री जी के इलाके के किसानों को तो फायदा हो गया। उन्हें बिजली मिल गई। ऐसे में क्यों न हम भी तरह-तरह के मुद्दों पर वीडियो वायरल करा दें और अपने विधानसभा क्षेत्र का काम करवा लें। वैसे कई नेता अब डरे हुए भी हैं और कुछ भी बोलने के पहले देखते हैं कि उनके साथ गाड़ी में कौन है, पीछे कौन खड़ा है और कहीं उसका फोन तो चालू नहीं है। इधर नेताओं के साथ रहने वाले छुटभैया भी अब अपना फोन जेब में रखते हैं कि कहीं कोई वीडियो वायरल हो गया, तो हम पर शक न जाए।

थोड़ा संभलकर... धीमे बोलो

बुलडोजर और लाउडस्पीकर के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई कि कौन ज्यादा शक्तिशाली है। लाउडस्पीकर बोला, उसकी वजह से तो पूरे देश में एक बहस छिड़ गई है कि उससे किसकी आवाज ऊंची सुनाई जाएगी और किसकी नहीं। तभी बुलडोजर तपाक से बोला, मैंने तो दो मुख्यमंत्रियों को ''बुलडोजर मामा" और ''बुलडोजर बाबा" के नाम से प्रसिद्ध कर दिया। हो सकता है कि ये सिलसिला बढ़ता ही जाए और आने वाले दिनों में बुलडोजर दीदी, भैया का नाम भी मेरे साथ जुड़ जाए। वह गर्व से इतराकर बोला, जब-जब मेरा इस्तेमाल होता है, तो वोट बैंक तगड़ा होता है। यही वजह है कि आजकल हर जगह मेरा ही बोल-बाला है। बुलडोजर की बात को काटते हुए लाउडस्पीकर ऊंची आवाज में कुछ बोलने ही वाला था कि बुलडोजर गुर्राया, तुम भी मुझसे बहस सोच-समझकर करो। और हां... थोड़ा संभलकर... धीमे बोलो।

कौन सही-कौन गलत

भोपाल के मौसम विज्ञान केंद्र में दो गुट बन गए हैं। एक दल में ढेर सारे मौसम विज्ञानी हैं, तो दूसरी तरफ अकेले खड़े वरिष्ठ विज्ञानी हैं। सभी आमने-सामने झगड़ा नहीं करते, लेकिन जब भी किसी बाहर वाले से मिलते हैं, तो दबी आवाज में अपनी बात कहते हैं। एक तरफ सारे विज्ञानी आटोमेटिक वेदर स्टेशन द्वारा बताए गए भिंड के तापमान (48.7 डिग्री से.) की प्रामाणिकता को अस्वीकार करते हैं, तो दूसरी तरफ एक विज्ञानी बुलंद आवाज में कहते हैं कि इसके जरिये जारी किया गया तापमान बिल्कुल सही होता है। आखिर विदेशों में भी तो यही इस्तेमाल होता है। अब कौन सही है और कौन गलत, इस बात का अंदाजा उस सूची से लगता है, जो मौसम केंद्र आधिकारिक रूप से खुद जारी करता है और बताता है कि सबसे गर्म जिला नौगांव व खजुराहो है। वह खुद भिंड को आधिकारिक तौर पर सबसे गर्म घोषित नहीं करता।

वीडियो वायरल कर काम करा लो

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल का बिजली कटौती की शिकायत करते हुए वीडियो क्या वायरल हुआ, अन्य नेता भी इस मामले को अपना काम करवाने का नया फंडा मानकर इसे अपनाने की सोचने लगे हैं। दबी जुबां में कुछ मान्यवर कह भी रहे हैं कि वीडियो के वायरल होने से मंत्री जी के इलाके के किसानों को तो फायदा हो गया। उन्हें बिजली मिल गई। ऐसे में क्यों न हम भी तरह-तरह के मुद्दों पर वीडियो वायरल करा दें और अपने विधानसभा क्षेत्र का काम करवा लें। वैसे कई नेता अब डरे हुए भी हैं और कुछ भी बोलने के पहले देखते हैं कि उनके साथ गाड़ी में कौन है, पीछे कौन खड़ा है और कहीं उसका फोन तो चालू नहीं है। इधर नेताओं के साथ रहने वाले छुटभैया भी अब अपना फोन जेब में रखते हैं कि कहीं कोई वीडियो वायरल हो गया, तो हम पर शक न जाए।

चार दिन की सफाई फिर कचरा

नगर निगम का रवैया इन दिनों किसी नटखट बच्चे की तरह दिखाई दे रहा है। जैसे आफिस से शाम को घर आ रहे पापा की गाड़ी की आवाज सुनते ही बच्चे पढ़ने बैठ जाते हैं, मम्मी की डांट के डर से वे कमरा साफ कर लेते हैं, ठीक वैसे ही नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण के जांच दल के आने के पहले शहर को सुंदर बना दिया। दीवारों पर चित्र उकेर दिए, फुटपाथ को रंग-बिरंगे पेंट से रंग दिया, शहर की हर गली को चमका दिया, चौराहों के फव्वारे शुरू कर दिए और जैसे ही जांच दल गया शहर गंदगी का भंडार बन गया। चौराहों के फव्वारे बंद हो गए, सड़कों पर सफाई बंद हो गई। लोग नगर निगम के अजीब बर्ताव की इंटरनेट मीडिया पर खूब खिल्ली उड़ा रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण दल के आने के पहले और बाद की तस्वीरें डाल कर भोपाल नगर निगम की पोल खोल रहे हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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