Bhopal Dharam Samaj : भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। धर्म-प्रेमी व श्रद्धालुओं को इस साल का अंतिम माह दिसंबर कई मायनों में विशेष रहेगा। इस महीने कई व्रत और त्योहार रहेंगे। इसको लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर की विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से इन त्योहारों पर कई बड़े कार्यक्रम किए जाएंगे। बीते साल कोरोना महामारी के कारण पाबंदियां थी, लेकिन इस बार जब यह पाबंदियां नहीं है तो बड़े आयोजन होंगे। साथ ही त्योहार पर लोगों के बीच अलग ही उत्साह देखने को मिलेगा। इस महीने प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, एकादशी, रुक्मिणी अष्टमी और क्रिसमस आदि हैं।

इस माह यह रहेंगे प्रमुख व्रत त्योहार और उनके महत्व

गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी (तीन दिसंबर,शनिवार) इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। पंडित रामजीवन दुबे के अनुसार मोक्षदा एकादशी तीन दिसंबर को रहेगी। व्रत सुबह 05:39 मिनट पर शुरू होगा। व्रत का पारण चार दिसंबर दोपहर 1:20 से दोपहर 03:27 बीच किया जाएगा। शास्त्रों में एकादशी व्रत के सन्दर्भ में पौराणिक कथा का भी उल्लेख किया गया है। एक ही दिन गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी होने से इस तिथि की तुलना मणि चिंतामिण से की जाती है।

दत्तात्रेय जयंती सात दिसंबर, बुधवार

इस बार शुभ तिथि सात दिसंबर दिन बुधवार को है। दत्तात्रेय को ब्रह्माजी भगवान विष्णु और भगवान शिव का अवतार माने जाते है और इनका अवतरण मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि को हुआ था और उन्होंने 24 गुरुओं से शिक्षा प्राप्त की थी। भगवान दत्तात्रेय के नाम पर दत्त संप्रादय का उदय हुआ था। दक्षिण भारत में भगवान दत्तात्रेय के कई मंदिर है।

Posted By: Lalit Katariya

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