संत हिरदाराम नगर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। दिल्ली से पधारे संत भाई चमनजीत सिंह लाल ने शनिवार को राजधानी के उपनगर बैरागढ़ में संगत में पधारे श्रद्धालुओं को कीर्तन वाणी से निहाल किया। इसके लिए संस्कार स्कूल में विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया था।

संगत की ओर मुखातिब भाई चमनजीत सिंह ने कहा कि वाहेगुरु का नाम जाप करने से जीवन सफल हो जाता है। वाहेगुरु सुमिरन का अर्थ है कि आपने वासुदेव, हरि, गोबिंद और राम का नाम जपा है। सतगुरु की शरण में आने वालों के कष्ट दूर हो जाते हैं। भाई चमनजीत ने संगीतमय भजनों के बीच संगत को गुरुग्रंथ साहब की वाणी का रसपान कराया। कीर्तन दरबार गुरुनानक देवजी के गुरुपर्व एवं श्रीगुरु रामदास साहब के प्रकाश पर्व की खुशी में सजाया गया। गुरु तेग बहादुर साहब को भी याद किया गया। कीर्तन दरबार में मप्र आवास संघ के पूर्व अध्यक्ष सुशील वासवानी, संस्कार के सचिव बसंत चेलानी, महेश दयारामानी, साध्वी द्रोपदी धनवानी, कपड़ा व्यापारी संघ के महासचिव दिनेश वाधवानी, सेवादार घनश्याम थारानी एवं धीरज टिलवानी सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

करुणा बुध्द विहार में भन्ते जीवक का वर्षावास समापन

दि बुध्दिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के अन्तर्गत तुलसी नगर स्थित करुणा बुध्द विहार में विगत आषाढ़ पूर्णिमा से जारी पूज्य भन्ते जीवक जी का वर्षावास अश्विनी पूर्णिमा को पूर्ण हुआ है। इसी उपलक्ष्य में शनिवार 23 अक्टूबर को करुणा बुध्द विहार में वर्षावास समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पधारे श्रीलंका महाबोधि सोसायटी सांची सेन्टर के पूज्य भन्ते यू. तपस्सी व्दारा कार्यक्रम का शुभारंभ कर परित्राण पाठ किया तथा उपस्थित सभी उपासक व उपासिकाओं को धम्मदेशना दी। कार्यक्रम में पूज्य भन्ते जीवक ने बुद्ध पर आधारित विभिन्न प्रसंगो का उल्लेख करते हुए बताया कि मानव जीवन में अच्छे कर्म करने पर ही वह स्वस्थ्य प्रसन्ना और चिंता मुक्त रह सकता है।इस अवसर पर पूज्य भन्ते जीवक जी को चिवर दान किया गया। कार्यक्रम के पश्चात पूज्य भिक्षु संघ ने करूणा बुद्ध विहार का अवलोकन किया तथा पूज्य भिक्षु जीवक जी ने विहार निर्माण के लिए धम्मदान दिया।

Posted By: Ravindra Soni

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