भोपाल। भोपाल में कुटुंब न्यायालय में तलाक का अनूठा मामला पहुंचा है। इसमें डॉक्टर पति-पत्नी दो बार शादी करने के बाद फिर से तलाक लेना चाहते हैं। दो बार की शादी में 14 फेरे लेने के बाद भी उनका रिश्ता टूटने की कगार पर है। भोपाल के डॉक्टर दंपती ने हिंदू रीति-रिवाज से 13 साल पहले 2006 में शादी की थी। दोनों के बीच कुछ साल तक सबकुछ ठीक रहा, जब उनकी बेटी चार साल की हुई तो पति-पत्नी में झगड़े होने लगे और आपसी सहमति से दोनों ने 2011 में तलाक ले लिया। बेटी की परवरिश के कारण दोनों ने 2015 में दोबारा शादी की, लेकिन अब फिर रिश्ते में दरार पड़ गई है और तलाक की नौबत आ गई है।

पहली बार आया ऐसा केस

मेरे सामने कुटुंब न्यायालय में इस तरह का पहला केस आया है। जब बच्चे के भविष्य को देखकर एक महिला ने उसी व्यक्ति से दोबारा विवाह किया, लेकिन दोनों के बीच मतभेद के कारण मामला फिर से तलाक तक पहुंच गया है। दोनों को फिर से काउंसिलिंग के लिए बुलाया है।

- नूरून्न्शिां खान, काउंसलर, कुटुंब न्यायालय

धूमधाम से की थी दूसरी शादी

पत्नी ने बताया कि पहली बार तलाक के बाद तीन-चार साल अलग रहे तो बेटी की परवरिश के कारण फिर से शादी करने का फैसला किया। हमारी पहली शादी का वीडियो देखकर बेटी अकसर अपने बारे में पूछती थी। जब उसे पता चला कि हम दोनों फिर से शादी कर रहे हैं तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। हमने कोर्ट मैरिज करने का फैसला लिया था, लेकिन बेटी की खातिर सभी रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से शादी करनी पड़ी। इसमें आठ से 10 लाख रुपए खर्च हुए। पत्नी का यह भी कहना है कि बेटी की खातिर सब कुछ भुलाकर पति को दोबारा मौका दिया, लेकिन अब फिर हर दिन झगड़े हो रहे हैं। इससे बेटी पर गलत असर पड़ रहा है। बेटी की खातिर हम एक हुए थे, लेकिन फिर से उसके लिए अलग हो रहे हैं। उसने बताया कि दोनों व्यस्त रहते हैं। पति ने दूसरे शहर में अपनी पदस्थापना ले ली। वे बेटी को बिलकुल समय नहीं देते हैं। वहीं, पति का कहना है कि वह तलाक नहीं चाहता। पत्नी छोटी-छोटी बातों पर बेटी को लेकर मायके पहुंच जाती है।

कुटुंब न्यायालय में तलाक के लिए पहुंचा मामला

-2006 में पहली बार की थी शादी

-2011 में सहमति से लिया तलाक

-2015 में दूसरी बार किया था विवाह

Posted By: Saurabh Mishra

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