Bhopal Entertainment News: भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर)। प्रदेश की पर्यटन और संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर का कहना है कि फिल्म लाइन अच्छी भी है और बुरी भी। हम अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। प्रदेश के युवा टैलेंटेड भी हैं, वे फिल्म लाइन में करियर बनाएं, लेकिन अपने संस्कारों को न भूलें, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को फिल्मों के माध्यम से और प्रगाढ़ करें। यह बात उन्होंने बुधवार को मिंटो हॉल में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन के 'द एक्सपर्ट शॉट्स" के शुभारंभ अवसर पर कही। फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए मप्र पर्यटन बोर्ड की ओर से वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें सिनेमा विशेषज्ञों ने फिल्म निर्माण की बारीकियां बताईं। इस अवसर पर संस्‍कृति मंत्री ने एक कविता के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया और आजादी के अमृत महोत्सव को देखते हुए आजादी के नायकों पर शॉर्ट फिल्म बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में फिल्म और पर्यटन को लेकर काफी संभावनाएं हैं। आप सब ईमानदारी से अपना काम करें और प्रदेश का नाम रोशन करें।

इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश की प्रतिभाएं मुंबई में प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। फिल्म इंडस्ट्री की शुरुआत के साथ ही मप्र का दबदबा रहा है। अब हमारी कोशिश है कि मप्र के लोगों को काम के लिए मुंबई न जाना पड़े। उन्हें पूरी सुविधाएं और फिल्म इंडस्ट्री में रोजगार के साधन में हम मप्र में ही उपलब्ध कराना चाहते हैं।

कार्यक्रम के दौरान फिल्म निर्माता और निर्देशक अनुराग बसु ने कहा कि मैं पैदा भिलाई में हुआ, लेकिन टेक्निकली एमपी का ही हूं। भोपाल से पढ़ाई पूरी की है और भिलाई बाद में छग में गया, पहले मप्र में ही था। उन्होंने कहा कि मेरा भोपाल में शूटिंग का सुखद अनुभव रहा। भोपाल फिल्म इंडस्ट्री का सबसे फेवरेट डेस्टिनेशन है। यहां शूटिंग का सिलसिला कभी थमेगा नहीं। भोपाल खूबसूरत जगह तो है ही, यहां के लोग भी बहुत खूबसूरत हैं। फिल्म लेखक राज शांडिल्य ने कहा कि जब मैं भोपाल में इंजीनियरिंग कर रहा था, तभी सबसे पहले कॉमेडी सर्कस शो लिखा था। भोपाल देखने का नहीं, महसूस करने का शहर है। मैं मानता हूं कि हर फिल्म मेकर को एक बार भोपाल में शूटिंग जरूर करनी चाहिए।

मप्र नाट्य विद्यालय के निदेशक आलोक चटर्जी ने कहा कि कोरोना के बाद फिल्मों में एक बड़ा बदलाव आया है। अब स्ट्रगल नहीं करना पड़ रहा है। प्रतिभा दिखाने का नया मंच मिला है ओटीटी। अब बस स्किल डेवलपमेंट की जरूरत है। क्योंकि यदि कलाकार कुछ नया सीखता नहीं है तो वह अप्रासंगिक हो जाता है। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने कहा कि मेरी कोशिश होगी कि मेरा ऑफिस मप्र के हर जिले में हो। अभिनेता शिवांकित सिंह परिहार ने बताया कि मैं सतना से हूं। विंध्य प्रदेश में भी शूटिंग की काफी संभावनाएं हैं। सेशन का लाइव प्रसारण एमपी टूरिज्म के फेसबुक पेज पर भी किया।

एक्सपर्ट ने दिए एक्सपर्ट शॉट्स : शुभारंभ समारोह के बाद 'द एक्सपर्ट शॉट्स की शुरुआत हुई, जिसमें सर्वप्रथम अनुराग बसु ने फिल्म निर्माण की बारीकियां बताई और मौजूद लोगों की जिज्ञासाओं को समाधान किया। सेशन के दौरान शिवांकित के साथ चर्चा में उन्होंने बताया कि फिल्मों से मेरा लगाव बपचन से था और मैं फिल्में देखता नहीं बल्कि पढ़ता था। भोपाल में शूटिंग के पूर्व स्कूटर से घूम-घूम कर लोकेशंस देखी थीं। दूसरा सेशन फिल्म लेखक और निर्माता-निर्देशक राज शांडिल्य का, तीसरा आलोक चटर्जी और अंतिम सत्र कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा का था।

Posted By: Ravindra Soni

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